सफेद कोट के पीछे की मुस्कान को मिला मंच, गीतांजलि में डॉक्टरों ने मनाए सुकून और संवेदनाओं के पल

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Published on : 02 Jul, 26 15:07

सफेद कोट के पीछे की मुस्कान को मिला मंच, गीतांजलि में डॉक्टरों ने मनाए सुकून और संवेदनाओं के पल

 

उदयपुर। मरीजों की सेवा और जीवन बचाने की जिम्मेदारियों के बीच जब डॉक्टरों को खुद के लिए कुछ पल मिले, तो गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का नर्मदा देवी ऑडिटोरियम मुस्कुराहट, संगीत और उत्साह से गूंज उठा। 1 जुलाई को आयोजित विशेष सांस्कृतिक संध्या ने यह साबित किया कि दूसरों को स्वस्थ रखने वाले चिकित्सकों की खुशियों और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी उतना ही आवश्यक है।


"Behind the Mask: Who Heals the Healers?" थीम पर आधारित इस अनूठे आयोजन का उद्देश्य डॉक्टरों को उनकी व्यस्त दिनचर्या से कुछ सुकून भरे पल देना, नई ऊर्जा का संचार करना और आपसी जुड़ाव को और मजबूत बनाना था। कार्यक्रम ने यह भावपूर्ण संदेश दिया कि जो चिकित्सक प्रतिदिन मरीजों के जीवन में उम्मीद की किरण बनते हैं, उन्हें भी सम्मान, सराहना और आत्मिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन वाइस चांसलर राकेश व्यास, डीन डॉ. संगीता गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद यादव, अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. मंजिंदर कौर एवं मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ. हरप्रीत सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. डी.सी. कुमावत, डॉ. एस.के. लोहाड़िया, डॉ. जी.एल. डाड सहित संस्थान के अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसे डॉक्टरों ने अपने साथी डॉक्टरों और मेडिकल विद्यार्थियों के साथ मिलकर डॉक्टरों के लिए ही तैयार किया। मंच पर वरिष्ठ फैकल्टी, जूनियर फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टर एक साथ नजर आए, जिसने संस्थान की मजबूत शैक्षणिक परंपरा और पारिवारिक संस्कृति की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की।

गीत, संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से चिकित्सकीय सेवा के मानवीय और संवेदनशील पक्ष को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया। प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि करुणा, धैर्य, समर्पण और मानवता से जुड़ा आजीवन दायित्व है। हर चिकित्सक मरीज को स्वस्थ करने के लिए अपना सर्वोत्तम प्रयास करता है और यही समर्पण उसे समाज का वास्तविक नायक बनाता है।

कार्यक्रम का मूल संदेश स्पष्ट था—जो लोग हर दिन दूसरों की जिंदगी संवारते हैं, उनके मन, स्वास्थ्य और मुस्कान का ख्याल रखना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर सभी चिकित्सकों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और पूरे आयोजन में अपनत्व, सम्मान तथा सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 300 मेडिकल विद्यार्थी तथा 200 से अधिक वरिष्ठ, जूनियर और कंसल्टेंट चिकित्सक शामिल थे। यह सांस्कृतिक संध्या केवल मनोरंजन का मंच नहीं रही, बल्कि डॉक्टरों के बीच सहयोग, टीम भावना और मानवीय संवेदनाओं को और अधिक मजबूत करने वाला यादगार आयोजन बन गई।


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