जैसलमेर। जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने गुरुवार को ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत ग्राम पंचायत ब्रह्मसर एवं मूलसागर में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिविरों के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने शिविरों में उपस्थित ग्रामीणों एवं लाभार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त सेवाओं एवं सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक परिवादी की समस्या का प्राथमिकता से समाधान किया जाए एवं किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व, पंचायतीराज, कृषि, पशुपालन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, जलदाय, विद्युत सहित विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण तथा प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जिनके जरिए ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन को त्वरित राहत प्रदान करें एवं प्रत्येक लाभार्थी के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें।
उन्होंने विशेष रूप से राजस्व संबंधी प्रकरणों, पट्टा वितरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, कृषि एवं पशुपालन योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं के मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने पर बल दिया। साथ ही निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का रिकॉर्ड सुव्यवस्थित रखा जाए एवं उसके निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण सेवा शिविरों को जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनाते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें, जिससे ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो सके।