रेल सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं का जायजा लेने उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने श्रीगंगानगर का दौरा किया

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Published on : 02 Jul, 26 17:07

रेल सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं का जायजा लेने उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने श्रीगंगानगर का दौरा किया

श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर में रेल सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने दौरे किए है। गुरुवार को उत्तर पश्चिम रेलवे के चीफ़ रॉलिंग स्टॉक इंजीनियर कैप्टन शशिकिरण ने श्रीगंगानगर पहुंचकर अपने विभाग के अधिकारियों के साथ विशेष मीटिंग की तथा सीक लाइन, पिट लाइन, मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री, स्टोर इत्यादि का निरीक्षण किया तथा स्टॉक के बारे में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
इससे पूर्व बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक, बीकानेर श्री गौरव गोविल ने भी मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया तथा रेलवे के आगामी प्रोजेक्ट पर चर्चा की तथा यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। रेलवे के उच्चाधिकारियों के इन दौरों का रेल सुविधाओं के विकास की दृष्टि से बड़ा महत्व माना जा रहा है।
रेलवे बोर्ड की ओर से श्रीगंगानगर में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए 174.26 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। हाल ही में रेल मंत्रालय की ओर से इस प्रोजेक्ट को ‘‘विशेष रेल परियोजना’’ घोषित किया गया है। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की कमी दूर करने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का काम जल्द शुरू होगा और वह दिन दूर नहीं जब यहां से वंदे भारत जैसी ट्रेन दौड़ती नज़र आएगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर रेल मंडल द्वारा तैयार जिस प्रोजेक्ट को रेल मंत्रालय ने हरी झंडी देते हुए इसके लिए 174.26 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए है उसके अंतर्गत आधुनिक रोलिंग स्टॉक, जिसमें एलएचबी और वंदे भारत ट्रेनें शामिल हैं, के रखरखाव बुनियादी ढांचे को उन्नत और विकसित करने की व्यापक पहल का हिस्सा है। वर्तमान में मौजूदा सुविधाएं, मौजूदा परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करती हैं, लेकिन आधुनिक रेकों और नई सेवाओं की बढ़ती शुरुआत के साथ, उन्नत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता हो गई है। स्वीकृत कार्यों में दो 600 मीटर लंबी वाशिंग लाइन, तीन 650 मीटर लंबी स्टेबलिंग लाइन, दो पिट लाइन, एक व्हील लेथ लाइन और एक 650 मीटर लंबी इंजन एस्केप लाइन का निर्माण शामिल है। 120 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा एक बीमार लाइन शेड (सीक लाइन) भी विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वाशिंग लाइन पर पारंपरिक ओवरहेड उपकरण (ओएचई) के साथ-साथ सिंक्रोनाइज्ड जैक, फोर्कलिफ्ट, इलेक्ट्रिक ओवरहेड ट्रैवलिंग (ईओटी) क्रेन और स्वचालित कोच वाशिंग प्लांट जैसी आधुनिक मशीनरी और संयंत्र भी लगाए जाएंगे। परियोजना के चालू होने परए इससे प्रतिदिन औसतन छह रेक की रखरखाव क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे परिचालन दक्षता में सुधार होगा, रेक की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित होगी और क्षेत्र में अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।


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