उदयपुर, पहली बार 108 गौशालाओं में आयोजित की जा रही ऐतिहासिक छप्पन भोग सेवा श्रृंखला का 13वां पड़ाव वल्लभनगर स्थित मोती कृष्ण गौशाला, करणपुर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ भव्य रूप से आज संपन्न हुआ। गौसेवा एवं जीवदया को समर्पित इस आयोजन में बड़ी संख्या में गौभक्तों, समाजसेवियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई।
यह सेवा प्रकल्प स्वर्गीय संघवी चम्पालाल गणेशमलजी (चेन्नई) के 85वें जन्मदिवस की स्मृति, श्रीमती इंद्रादेवी एवं राजेंद्र कुमार मुथा की 36वीं वैवाहिक वर्षगांठ तथा श्रीमती कलादेवी एवं रमेशकुमार चम्पालालजी सोनवाडिया मुथा (चेन्नई) की 34वीं वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष स्वीटी जैन ने बताया कि यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौसंरक्षण, जीवदया और सामाजिक जागरूकता का सशक्त जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि सेवा श्रृंखला के माध्यम से समाज में सेवा, करुणा और संस्कारों का संदेश निरंतर प्रसारित हो रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोती कृष्ण गौशाला के संस्थापक हस्तीमल लोढ़ा तथा विशिष्ट अतिथि भानू कुमार सेन रहे। मुथा परिवार द्वारा गौमाता को भव्य छप्पन भोग अर्पित किया गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि किसी प्रियजन को सच्ची खुशी देने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम गौसेवा, जीवदया और लोककल्याण है।
सेवा प्रकल्प के ब्रांड एंबेसडर राजस्थान गौरव डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं की आधारशिला हैं तथा ऐसे आयोजन समाज को सेवा और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। प्रधान सेवक एडवोकेट निर्मल पंडित ने जैन दर्शन में जीवदया और करुणा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गौसेवा को मानवता और अहिंसा की सशक्त अभिव्यक्ति बताया।
आयोजकों ने बताया कि आयोजन की तैयारियों में अमित भास्कर, दक्ष जैन, तनिष्क जैन, वेदिका जैन, तरुणजी, लता, हेमंत गर्ग, अर्जुनदान चारण, राजूभाई चारण सहित अनेक गौसेवकों ने उल्लेखनीय योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट के संस्थापक संजय जैन ने सभी अतिथियों, ट्रस्टियों, ग्वालों, स्टाफ एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान गौसेवा और जीवदया को जन-जन तक पहुंचाने का एक सतत संकल्प है, जो समाज में सेवा, संवेदना और संस्कारों की नई चेतना का संचार कर रहा है।