उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ, बड़ी परिसर में शनिवार से शुरू हुई चार दिवसीय संवाद श्रृंखला ‘अपनों से अपनी बात’ के पहले दिन देश के विभिन्न राज्यों से आए दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने अपने जीवन के संघर्ष, उपचार के अनुभव और नई आशाओं को साझा किया। संवाद के दौरान कई लाभार्थियों की आंखें नम हुईं तो उपस्थित जन भी भावुक हो उठे।
कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों और उनके परिवारों से सीधे संवाद स्थापित कर उनके सुझाव, अनुभव एवं भावनाओं को जानना है, ताकि संस्थान की सेवाओं को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील तथा लाभार्थी-केंद्रित बनाया जा सके।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ तभी पूर्ण होता है, जब लाभार्थियों की आवाज़ सुनी जाए। उनके अनुभव संस्थान के लिए मार्गदर्शक हैं और यही संवाद सेवा कार्यों को नई दिशा एवं ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यहां साझा होने वाली हर कहानी केवल एक व्यक्ति का अनुभव नहीं, बल्कि समाज में आशा, आत्मविश्वास और मानवता का संदेश है।
कार्यक्रम में दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों ने संस्थान से मिले उपचार, सर्जरी, कृत्रिम अंग, पुनर्वास और आत्मनिर्भर बनने की यात्रा के अनुभव साझा किए। प्रेरक उद्बोधनों, संवाद सत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को भावनात्मक एवं प्रेरणादायी बना दिया।
यह संवाद श्रृंखला 7 जुलाई तक प्रतिदिन सायं 4 से 7 बजे तक आयोजित होगी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आस्था चैनल के माध्यम से देशभर में किया जा रहा है।