जिला शतरंज संघ, उदयपुर की नई कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित

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Published on : 06 Jul, 26 15:07

सरकारी विद्यालयों एवं आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को मिलेगा निःशुल्क सहयोग, शतरंज को घर-घर तक पहुँचाने का संकल्प

जिला शतरंज संघ, उदयपुर की नई कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित

उदयपुर । जिला शतरंज संघ, उदयपुर की वार्षिक साधारण सभा (Annual General Meeting) एवं कार्यकारिणी समिति (कार्यकाल 2026–2030) का निर्वाचन रविवार को शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत वातावरण में सम्पन्न हुआ। निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट कुलदीप चौबिसा की देखरेख में सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण की गई, जिसमें सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।

बैठक के प्रारम्भ में ज़िला संघ सचिव ने संघ की वार्षिक गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों के कार्यकाल में जिला शतरंज संघ, उदयपुर द्वारा 60 से अधिक जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से हजारों खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध कराया गया तथा उदयपुर जिले को प्रदेश में शतरंज गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र बनाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने बताया कि संघ द्वारा विभिन्न आयु वर्गों की जिला एवं राज्य स्तरीय चयन प्रतियोगिताएँ, फिडे रेटेड प्रतियोगिताएँ, विद्यालय स्तरीय आयोजन तथा प्रतिभा खोज कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए गए, जिससे जिले के अनेक खिलाड़ियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

सभा में वित्तीय वर्ष 2024–25 एवं 2025–26 के प्रारंभिक अंकेक्षित (Provisional Audited) वित्तीय विवरण सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिन पर विचार करते हुए उन्हें अभिलेख पर लिया गया। अंतिम अंकेक्षित प्रतिवेदन प्राप्त होने पर उन्हें आगामी सामान्य सभा में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किए जाने का निर्णय लिया गया।

इसके पश्चात् सचिव द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया की वर्तमान विधिक स्थिति से सभा को अवगत कराया गया तथा कार्यसूची के अनुसार निर्वाचन संबंधी सम्पूर्ण कार्यवाही निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट कुलदीप चौबिसा को सौंप दी गई।


निर्वाचन अधिकारी ने प्रस्तुत किया सम्पूर्ण चुनावी विवरण
निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट कुलदीप चौबिसा ने अपने संबोधन में बताया कि 19 मई 2026 को पारित प्रस्ताव के अनुसार उन्हें निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके अनुपालन में 12 जून 2026 को निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया तथा मतदाता सूची प्रकाशित कर निर्धारित समय में आपत्तियाँ आमंत्रित की गईं।

उन्होंने बताया कि निर्धारित अवधि में प्राप्त सभी आपत्तियों का परीक्षण कर उनका निस्तारण किया गया तथा अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई। इसके पश्चात् नामांकन प्रक्रिया सम्पन्न हुई, जिसमें कार्यकारिणी के 18 पदों के लिए कुल 17 वैध नामांकन पत्र प्राप्त हुए। नामांकन पत्रों की विधिवत जांच (Scrutiny) तथा नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरान्त किसी भी अभ्यर्थी द्वारा नाम वापस नहीं लिया गया।

चूँकि 17 पदों पर केवल एक-एक वैध अभ्यर्थी शेष रहे तथा कार्यकारिणी सदस्य (Executive Member) के एक पद हेतु कोई नामांकन प्राप्त नहीं हुआ, इसलिए निर्वाचन कार्यक्रम एवं संघ के संविधान के अनुसार मतदान की आवश्यकता नहीं रही तथा सभी अभ्यर्थियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।


निर्विरोध निर्वाचित कार्यकारिणी (2026–2030)
मुख्य संरक्षक – भरत श्रीमाली
संरक्षक – बलवीर सिंह राठौड़
अध्यक्ष – राजेन्द्र सिंघवी
सचिव – इन्द्र कुमार प्रजापत
कोषाध्यक्ष – स्वाति सरूपरिया
मुख्य आयोजक – अविनाश मारू
मुख्य समन्वयक – भूपेन्द्र सेन
उपाध्यक्ष (2) – सनी बेदी व  कुशल पटेल
संयुक्त सचिव (2) – पुनीत सिंह पाहवा व  रिचिन जैन
समन्वयक – रवीन्द्र पाल सिंह
सह-कोषाध्यक्ष – नीरज छाजेड़
प्रतियोगिता निदेशक (3) – मुकुल कलरा, कपिल डागलिया व  प्रवीण सिंह राठौड़
आयोजक – सुनील बाया

निर्वाचन अधिकारी ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी जिले में शतरंज खेल के विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।


खिलाड़ियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
निर्वाचन उपरान्त आयोजित प्रथम बैठक में नई कार्यकारिणी द्वारा खिलाड़ियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

निर्णय लिया गया कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत एवं आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जिला शतरंज संघ की प्रतियोगिताओं में यथासंभव निःशुल्क प्रवेश, आवश्यकतानुसार भोजन, आवास एवं अन्य सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी खिलाड़ी की प्रतिभा के विकास में बाधा न बने।

साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि उदयपुर जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तथा आसपास के जिलों से आने वाले जरूरतमंद खिलाड़ियों को भी परिस्थितियों के अनुसार प्रतियोगिताओं में सहयोग प्रदान किया जाएगा।

घर-घर पहुँचेगा शतरंज
नई कार्यकारिणी ने जिले में शतरंज के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सरकारी एवं निजी विद्यालयों में निःशुल्क शतरंज जागरूकता शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं परिचय कार्यशालाएँ आयोजित करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य अधिकाधिक बच्चों को शतरंज से जोड़ना, उनकी तार्किक क्षमता एवं बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करना तथा जिले में नई प्रतिभाओं की खोज करना रहेगा।


आगामी वर्षों की प्राथमिकताएँ
बैठक में आगामी चार वर्षों के लिए निम्न प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए—

जिले में अधिकाधिक फिडे रेटेड एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन।

प्रत्येक आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताएँ।

ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में शतरंज गतिविधियों का विस्तार।

बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने हेतु विशेष कार्यक्रम।

विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शतरंज क्लब स्थापित करने के प्रयास।

प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए मार्गदर्शन एवं सहयोग।

प्रशिक्षकों एवं अर्बिटरों के विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।

आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतियोगिताओं और खिलाड़ियों का बेहतर प्रबंधन।


बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि जिला शतरंज संघ, उदयपुर आगामी वर्षों में "हर विद्यालय में शतरंज – हर प्रतिभा को अवसर" के उद्देश्य के साथ कार्य करेगा तथा जिले के प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
 


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