उदयपुर। ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए अत्यंत मददगार साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक सुखद मामला पंचायत समिति झाडोल की ग्राम पंचायत बाघपुरा में आयोजित शिविर में देखने को मिला, जहां विभागीय आपसी तालमेल से एक बुजुर्ग महिला की पिछले 2 वर्षों से रुकी हुई पेंशन को ऑन-स्पाट बहाल किया गया।
शिविर में मंसिगपुरा निवासी श्रीमती रामली बाई पत्नी नाथु भील अपनी व्यथा लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 2 वर्षों से उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद थी, जिसके कारण उन्हें काफी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड रहा था। मामला सामने आते ही शिविर प्रभारी एवं विकास अधिकारी जितेन्द्र सिंह राजावत ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दस्तावेजों की त्वरित जांच करवाई। तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि पूर्व में दस्तावेजों में आयु कम दर्ज होने के कारण उनकी पेंशन स्वतः बंद हो गई थी। वर्तमान में दस्तावेजों के अनुसार वे पात्रता की आयु पूरी कर चुकी थीं, लेकिन सिस्टम में कुछ अन्य तकनीकी खामियां आड़े आ रही थीं उनके जनआधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं था। जनआधार में पारिवारिक आय अपडेट नहीं थी। इन तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए शिविर प्रभारी के निर्देशन में पंचायतीराज विभाग एवं सांख्यिकी विभाग ने आपसी समन्वय और बेहतरीन तालमेल का परिचय दिया। शिविर में ही ऑन-स्पाट जनआधार में मोबाइल नंबर लिंक किया गया। पारिवारिक आय को पोर्टल पर तुरंत अपडेट किया गया।
इन दोनों त्रुटियों के सुधरते ही तकनीकी बाधा दूर हो गई और रामली बाई की बंद पड़ी पेंशन को पोर्टल पर फिर से री-ओपन कर दिया गया। अब उन्हें नियमित रूप से पेशन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
इसी शिविर में बाधपुरा निवासी श्रीमती पेपीबाई पत्नी मोहनलाल तेली का नया पेंशन आवेदन भी स्वीकृत किया गया। शिविर प्रभारी द्वारा उन्हें मंच से आधिकारिक पेंशन पीपीओपत्र प्रदान किया गया, जिससे अब वे भी सामाजिक सुरक्षा चक्र से जुड़ गई है। मौके पर ही समस्याओं का निस्तारण होने और पेंशन पुनः शुरू होने पर मायुक होते हुए लाभार्थियों ने माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं राजस्थान सरकार का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार के इन शिविरों की बदौलत आज उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है।