जालंधर। रेल मंत्रालय तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्यमंत्री श्री रवनीत सिंह ने बुधवार को फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुनर्विकसित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का दौरा कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री 17 जुलाई 2026 को इस स्टेशन पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन करने वाले हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों को यह ऐतिहासिक सौगात प्रदान करने तथा क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय यात्री सुविधा केंद्र में परिवर्तित करने के लिए वे उनके प्रति कृतज्ञ हैं। लगभग 110 वर्ष पुराने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 125 करोड़ की लागत से किया गया है। इस परियोजना में स्टेशन की ऐतिहासिक वास्तुकला को संरक्षित रखते हुए पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले तत्वों को भी समाहित किया गया है।
पुनर्विकसित स्टेशन में विशाल डबल-हाइट एयर कॉन्कोर्स, मजबूत स्टील प्लेटफॉर्म रूफिंगए स्लिप-प्रतिरोधी फर्श, ऊर्जा-कुशल एलईडी प्रकाश व्यवस्था, शहर के दोनों ओर से सुविधाजनक प्रवेश तथा 6 मीटर और 9 मीटर चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
अन्य प्रमुख सुविधाओं में 40 मीटर चौड़ी ट्रफ रूफ, जो 200 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म (8,720 वर्गमीटर) को कवर करती है, 36 मीटर चौड़ा 1,770 वर्गमीटर का एयर कॉन्कोर्स, 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला नया द्वितीय प्रवेश स्टेशन भवन तथा 4,855 वर्गमीटर का पार्किंग क्षेत्र शामिल है।
वर्तमान में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन 7,500 यात्रियों का आवागमन होता है। स्टेशन पर 66 अप तथा 66 डाउन ट्रेनों का ठहराव है, जिनमें दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस, एक हमसफर एक्सप्रेस, एक गरीब रथ एक्सप्रेस तथा अनेक मेल/एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनें शामिल हैं। यह स्टेशन पूर्णतः यात्री सेवाओं के लिए समर्पित है तथा यहां किसी प्रकार का माल परिवहन नहीं किया जाता।
निरीक्षण के दौरान श्री रवनीत सिंह ने यात्री सुविधाओं एवं चल रही तैयारियों का विस्तृत अवलोकन किया तथा पुनर्विकास कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्नत सुविधाओं से युक्त यह स्टेशन यात्रियों की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा तथा भारतीय रेलवे की आधुनिक, सुरक्षित, सुगम एवं विश्वस्तरीय अवसंरचना विकसित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा। साथ ही, यह पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को भी प्रभावी रूप से प्रदर्शित करेगा।