अपराध करने के बाद अन्ततः पछतावा ही करना पड़ता है, इसलिए खुद पर संयम रखेः डॉ शिव प्रज्ञा

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Published on : 08 Jul, 26 17:07

अपराध करने के बाद अन्ततः पछतावा ही करना पड़ता है, इसलिए खुद पर संयम रखेः डॉ शिव प्रज्ञा

श्रीगंगानगर। परम पूज्य युवा प्रेरिका महा साध्वी डॉ शिव प्रज्ञा जी महाराज ने कहा कि दुनिया में माँ के कर्ज को चुकता करना किसी के लिए भी संभव नहीं होता है। किसी भी इंसान के लिए उसकी मां ही ऐसी होती है जो कितना भी दोषी होने पर अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की कामना ही करती है और वही है जो हर वक्त अपने लाल को अपने घर के दरवाजे के अंदर देखना चाहेगी।
श्री गंगानगर में चातुर्मास कर रही डॉ शिव प्रज्ञा महाराज बुधवार की सुबह श्रीगंगानगर के केंद्रीय कारागृह में बंदियों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने बंदियों से कहा कि आपने जो भी गलती की है उसका निसंदेह आपको पश्चाताप हो रहा होगा अब भविष्य में यहां से निकलने के बाद नेक कार्यों की प्रेरणा लेकर ही जाए। नशे की लत को लेकर उन्होंने कहा कि नशा इंसान की बुद्धि का नाश कर देता है। युवाओ को चाहिए कि वे खुद तो नशे से दूर रहे ही साथ ही अन्य युवाओं को इसकी लत से बचाने का संकल्प ले। उन्होंने बंदियों को चोरी, लूटपाट, झगड़े, नशा आदि से हमेशा दूर रहने की शपथ दिलवाई।
जेल अधीक्षक श्री महावीर प्रसाद मीणा ने इस मौके पर बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि साध्वी जी के बताए मार्ग पर चलकर निश्चित रूप से आप अपने जीवन में बदलाव ला सकते है।
कार्यक्रम में सर्व श्री वीरेंद्र वैद, डॉ मनोरमा वैद, विमल कोटेचा, मनोज जैन, श्रीमती स्वीटी जैन, नरेंद्र जैन आदि की भी उपस्थिति रही।


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