जिला कलक्टर ने किया देवास तृतीय बांध और पुनर्वास स्थल का निरीक्षण

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Published on : 09 Jul, 26 16:07

देवास बांध एवं सुरंग परियोजना के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही में तेजी

जिला कलक्टर ने किया देवास तृतीय बांध और पुनर्वास स्थल का निरीक्षण

उदयपुर। उदयपुर की जीवनरेखा कही जाने वाली देवास परियोजना के तृतीय एवं चतुर्थ चरण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन को लेकर भी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार पूरी तरह से गंभीर एवं संवेदनशील है। इसी क्रम में जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने गुरुवार को देवास तृतीय बांध स्थल तथा पुनर्वास स्थल मोखी का निरीक्षण किया।

देवास बांध एवं सुरंग परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिए राजस्थान सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों तथा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही निरंतर की जा रही है। इसी क्रम में संभागीय आयुक्त, उदयपुर के पत्रांक 1647-51 दिनांक 15.06.2026 के माध्यम से परियोजना प्रभावित परिवारों हेतु पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन योजना को अनुमोदित किया गया है। अनुमोदित योजना के अनुसार देवास बांध एवं सुरंग परियोजना से प्रभावित ग्राम नाल एवं नाथियाथल के पात्र परिवारों का पुनर्वास ग्राम मोखी में किया जाना प्रस्तावित है। पुनर्वास स्थल पर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है।

कलक्टर ने लिया जायजा, दिए निर्देश
जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने गुरुवार को प्रस्तावित पुनर्वास स्थल ग्राम मोखी एवं प्रस्तावित देवास तृतीय बांध का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पुनर्वास स्थल की उपलब्ध भूमि, पहुंच मार्ग, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, जल निकासी, सामुदायिक सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का अवलोकन किया गया। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि  पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन योजना के प्रावधानों के अनुरूप प्रभावित परिवारों को आवासीय भूखण्ड, सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, सामुदायिक भवन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि पुनर्वास स्थल का विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, जिससे प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सुगमतापूर्वक एवं सम्मानजनक रूप से सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन योजना में स्वीकृत समस्त लाभ एवं सहायता राशि पात्र परिवारों को नियमानुसार प्रदान की जाए तथा पुनर्वास प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में प्रभावित परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। संबंधित विभागों को विभिन्न विकास कार्यों एवं आधारभूत सुविधाओं के निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश प्रदान किए गए। राज्य सरकार परियोजना प्रभावित परिवारों के हितों के संरक्षण एवं उनके सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्स्थापन के प्रति प्रतिबद्ध है तथा पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन योजना के अंतर्गत निर्धारित समस्त प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की हो पूर्ण पालना
देवास तृतीय एवम चतुर्थ बांध के निर्माण के लिए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए गए कि कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए तथा श्रमिकों के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध रहें। साथ ही, उन्होने कार्य में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने, निर्माण सामग्री की जांच नियमित रूप से सुनिश्चित करने तथा कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के, अधीक्षण अभियन्ता मनोज जैन, सहायक अभियन्ता कुणाल मोटवानी उपखण्ड अधिकारी जगदीश सिंह आसिया एवं तहसीलदार प्रवीण कुमार व कनिष्ठ अभियन्ता भरत देवासी, नागराज सिंह, तथा कार्यकारी एजेन्सी के प्रतिनिधी उपस्थित रहे।
 


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