दिल्ली पब्लिक स्कूल, उदयपुर में वर्तमान में आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम को दृष्टि में रखते हुए छात्रों की रचनात्मक व कल्पनाशीलता को एक नया मंच देने के उद्देश्य से दिनांक 11 जुलाई 2026 को इंटर स्कूल फैशन इलस्ट्रेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
विद्यालय के फैशन स्टडीज के शिक्षक डॉ. दिनकर भारती ने बताया कि कुल 100 प्रतिभागियों के लिए यह प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की गई। ग्रुप ए में कक्षा 6 से 8 के बच्चों ने तथा ग्रुप बी में कक्षा 9 से 11 तक के बच्चों ने बहुत ही उत्साह पूर्वक भाग लिया। ग्रुप ए के बच्चों ने कैजुअल आउटफिट तथा ग्रुप बी ने पार्टी वियर तथा रेड कारपेट आउटफिट थीम पर अपनी परिकल्पना, रचनात्मकता तथा प्रतिभा को पन्नों पर बड़ी खूबसूरती से उकेरा।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा निर्मित प्रोजेक्ट फाइलों को तथा स्केच पोस्टर की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। डॉ. दिनकर भारती ने एक पीपीटी द्वारा इस क्षेत्र में कैरियर की असीम संभावनाओं को प्रस्तुत किया, जिससे छात्रों को मार्गदर्शन व प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।
प्रो वाइस चेयरमैन गोविंद अग्रवाल ने समस्त अतिथियों तथा प्रतियोगिता के निर्णायक गण वीसीडी कॉलेज ऑफ डिजाइन के प्राध्यापक श्रीमान यशवंत तथा इस क्षेत्र की उभरती हुई फैशन डिजाइनर शोनाई धाभाई का स्वागत व अभिनंदन करते हुए कहा कि समय की माँग को देखते हुए ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक होते हैं।
प्राचार्य संजय नरवरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि बदलते हुए समय में नई पीढ़ी के लिए कौशल आधारित क्षेत्रों में सफलता के श्रेष्ठ अवसर उपस्थित हैं। समाज को अपनी विचारधारा बदलकर बच्चों को ऐसे रचनात्मक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
उपप्राचार्य राजेश धाभाई ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन यापन हेतु किए जाने वाले प्रत्येक कार्य में डिजाइन की आवश्यकता होती है अतः डिजाइन के क्षेत्र में अनंत संभावनाएँ हैं।
प्राचार्य ने प्रतियोगिता में ग्रुप ए में प्रथम स्थान पर सेंट एंथोनी स्कूल के सुलक्ष जैन को, द्वितीय स्थान पर दिल्ली पब्लिक स्कूल की पूर्वांगना सिंह चुंडावत को तथा तृतीय स्थान पर महाराणा मेवाड पब्लिक स्कूल की रिद्धि रंजन को तथा ग्रुप बी में प्रथम स्थान पर सेंट एंथोनी स्कूल के शुभम स्वर्णकार, द्वितीय स्थान पर महाराणा मेवाड पब्लिक स्कूल की आराध्या सिंह तथा तृतीय स्थान पर दिल्ली पब्लिक स्कूल की ईशा परदेशी को प्रशस्ति-पत्र देकर पुरस्कृत किया।