उदयपुर, प्रदेशभर के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों, ट्रक मालिकों एवं वाहन संचालकों की विभिन्न समस्याओं, विशेष रूप से VLTD GPS की अनिवार्यता, परमिट, वाहन फिटनेस तथा ऑनलाइन चालान व्यवस्था से उत्पन्न हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों के विरोध में प्रदेश संघर्ष समिति के आह्वान पर आज 13 जुलाई 2026 से पूरे राजस्थान में अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल प्रारंभ होगी।
इस संबंध में डबोक स्थित एच.बी. रोडलाइन्स कार्यालय में दी उदयपुर ट्रांसपोर्ट ऑर्गनाइजेशन एवं उदयपुर गुड्स ऑर्गनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बैठक में प्रदेशव्यापी आंदोलन को अंतिम रूप दिया गया। बैठक संस्था के संरक्षक श्री पुष्पराज मेहता के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों एवं ट्रक मालिकों ने भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में उपाध्यक्ष श्री हेमराज डांगी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय लगातार बढ़ती लागत, परमिट एवं फिटनेस की जटिल प्रक्रियाओं, VLTD GPS से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं तथा ऑनलाइन चालान व्यवस्था के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की वास्तविक समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण प्रदेशभर के वाहन मालिकों में भारी रोष व्याप्त है।
महामंत्री श्री मनोहर सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार यदि शीघ्र ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूर्णतः लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन ट्रांसपोर्ट समाज अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगा।
इस अवसर पर राजस्थान ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एवं उदयपुर गुड्स ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष श्री भगवान सिंह भाटी एवं दी उदयपुर ट्रांसपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राणावत ने कहा कि ट्रांसपोर्ट उद्योग देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार को परिवहन क्षेत्र से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले ट्रांसपोर्ट संगठनों एवं वाहन मालिकों से व्यापक संवाद करना चाहिए। बिना विचार-विमर्श के लिए गए निर्णय पूरे व्यापार एवं उद्योग जगत को प्रभावित करते हैं।
प्रवक्ता हेमेन्द्र सिंह दवाणा ने बताया कि 13 जुलाई से प्रारंभ होने वाली यह अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल प्रदेश संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के सभी ट्रक मालिकों, ट्रांसपोर्टरों एवं वाहन संचालकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में भाग लेकर संगठन की एकता एवं शक्ति का परिचय दें, ताकि सरकार तक ट्रांसपोर्ट समाज की आवाज प्रभावी ढंग से पहुँच सके सभी व्यापारिक औद्योगिक संगठनो का भी बड़ी संख्या में प्रदेश भर में साथ सहयोग मिल रहा है सरकार द्वारा अगर प्रमुख मांगे नही मानी गयी तो मजदूर यूनियन भी सहयोग के लिए तैयार है सरकार को अपने मनमाने रवैये को बदलकर जनहित एवं राष्ट्रहित के फैसले लेंगे होंगे ।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल सुथार ने कहा बैठक में आंदोलन की रणनीति, जिम्मेदारियों के वितरण तथा प्रदेशभर में समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़े लाखों परिवारों के भविष्य एवं आजीविका की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
बैठक में कोषाध्यक्ष जगदीश पण्डा, मख्खन सिंह देवड़ा,पूर्व सचिव प्रदीप सिंह शेखावत, प्रकाश खींची, कैलाश पूर्बिया, अजित गुप्ता, सोमेश्वर सिंह, अरुण कुमार, भेरू सिंह सारंगदेवोत, मनीष कुमार, सुल्तान भाई, मुन्ना भाई गुर्जर, एवं सहित डबोक, मावली, वल्लभनगर, कानोड़, भींडर, भटेवर, मंगलवाड़, फतहनगर क्षेत्र के सैकड़ो की संख्या में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी, ट्रक मालिक एवं संस्था के सदस्य उपस्थित रहे।