उदयपुर। 'चौथे उदयपुर डांस फेस्टिवल 2026' में कला, संस्कृति और प्रतिभा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। कथक आश्रम संस्थान एवं उदयपुर डांस फेस्टिवल के संयुक्त तत्वावधान में कॉमर्स कॉलेज के वाणिज्य सभागार में आयोजित इस प्रतिष्ठित महोत्सव में 5 साल के नन्हे बच्चों से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग कलाकारों ने एक साथ मंच साझा किया। समन्वयक चंद्रकला चौधरी ने बताया कि एक दिवसीय भव्य फेस्टिवल में देश-विदेश के 320 से अधिक स्टूडेंट्स और कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने कुल 108 धमाकेदार प्रस्तुतियां देकर भारतीय और पाश्चात्य संस्कृति की अद्भुत झलक पेश की। मंच पर पारंपरिक राजस्थानी, पंजाबी, मराठी और गुजराती लोक नृत्यों के साथ-साथ शास्त्रीय शैली में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी और आधुनिक दौर के हिप-हॉप, के-पॉप, फ्यूजन, लिरिकल व कंटेपरेरी डांस की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम का जीवंत मंच संचालन प्रसिद्ध एंकर नितिन दशोरा ने अपने अनूठे अंदाज में किया।
समारोह के दौरान कला और संस्कृति को बढ़ावा देने में अपना अमूल्य सहयोग देने वाले शहर के प्रबुद्ध भामाशाहों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें संजय गुप्ता, डॉ. सोनू जैन, लायंस क्लब अशोका से धर्मेन्द्र रोटरी क्लब अशोका से आलोक गुप्ता शामिल रहे। इसके साथ ही कार्यक्रम में बतौर अतिथि राहुल बड़ाला, राजीव सुराना, संदीप राठौड़ और कुलदीप राव उपस्थित रहे। संगीत और नृत्य के क्षेत्र में उदयपुर की पहचान बन चुके इस महोत्सव में कलाकारों को निखारने में वर्कशॉप कंडक्टर पीयूष वसीटा, वैभव पुरोहित, प्रियांशी जोशी और राजीव बापना की अहम भूमिका रही। प्रियंका चौबीसा, सेजल सुहालका, सृष्टि पांडे, अभिषेक पालीवाल, कोमल बारेठ और हर्ष पालीवाल के निर्णायक मंडल ने सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन किया। कथक आश्रम संस्थान की संस्थापिका चंद्रकला चौधरी ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य युवा और जमीनी प्रतिभाओं को एक ऐसा राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है जहाँ वे अपनी कला को निखार सकें। अंत में विपुल श्रीवास्तव, साभी तलरेचा और छवि तलनेजा सहित पूरी टीम ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।