इस्कॉन रथयात्रा को लेकर भक्तिमय वातावरण

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Published on : 15 Jul, 26 05:07

इस्कॉन रथयात्रा को लेकर भक्तिमय वातावरण

इस्कॉन का एक ही - नशा कृष्ण नाम

भजन कीर्तन करते हुए 

प्रभु नाम में भाव - विहल होकर झूमने से मन आनंद ओर प्रफुल्लित होता है और डिप्रेशन , मोटापा घटता है 

 

बांसवाड़ा। वागड़ बांसवाड़ा के सुदूर वर्ती जनजाति टीएसपी अंचल में पगडंडियों पहाड़ियों के सहारे जब साधक साधिकाओं श्रद्धालुओं का दल हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे महामंत्र का भजन संकीर्तन करते हुए विभिन्न गांवों के मोहल्लों मैसे निकलता है तो श्रद्धालु उपस्थित होकर मंत्रमुग्ध होकर  सेवा भावना की सराहना करते है और 19 जुलाई रविवार को भगवान् जगन्नाथ रथ यात्रा में सम्मिलित होने की स्वीकृति तत्काल प्रदान करते हैं।

 

आचार्य अभिनन्दन निमाई दास, अभय गौरांग दास एवम् विश्व आत्मा दास, कुशाग्र निमाई दास की अगुवाई में अलग अलग दल विभिन्न स्थानीय  वाद्ययंत्रों से के साथ भिन्न भिन्न स्थानों पर भागवत गीता जी के उद्देश्य के साथ योगेश्वर श्री कृष्ण के सन्देश के साथ भजन कीर्तन करते हुए नाचते गाते भ्रमण करते हुए प्रसारित करते है।

 

साधिका श्रीमति रचना व्यास ने बताया कि इस्कॉन बांसवाड़ा द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों में सनातन धर्म - संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ - साथ नशा - मुक्ति शपथ अभियान, वृंदावन केवल - कुंज की तरह हर गांव में वृक्षारोपण कर हिरितिमा आधारित सुंदर बगीचे ओर हर गांव में भजन कीर्तन कर कृष्ण भावनामृत भक्ति - साधना में सनातन धर्म संस्कृति को वृद्धि करना शुद्ध उद्देश्य है।

 

इस्कॉन के साधक साधिकाओं श्रद्धालुओं का एक ही नशा कृष्ण नाम ओर युगल किशोर माता रास राधेश्वरी के प्रति समर्पण होकर स्वयं को कृष्ण भावनामृत भक्ति साधना युक्त होकर खुशी में भाव - विल्हल  होकर मोक्ष मार्ग की ओर माता मीरा की तरह गमन है।

भजन कीर्तन करते हुए 

प्रभु नाम में भाव - विहल होकर झूमने से मन आनंद ओर प्रफुल्लित होता है और डिप्रेशन , मोटापा घटता है।साथ ही घर पर कार्य करते हुए युगल किशोर राधे - कृष्ण नाम , भजन कीर्तन सुनने मात्र से नकारात्मक ऊर्जा दूर कर भोजन भी प्रसाद  बन जाता हैं जिससे स्वास्थ्य उत्तम ओर शरीर ऊर्जावान बनता है।

 

इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान में कृपाली भट्ट, नीरज पाठक, कुशल, डिम्पल,सुनील, सुरेश, नैमिष, अक्षी, शाबुनी मंडल, दीपिका, विभा, अर्चना, अनिता, भारती,चैतन्य,खुशी, त्रिवेदी, चरण वंदना दासी, श्रीमति रचना व्यास, मानस पंड्या,कुशाग्र,ओड्रिला,शिल्पा, शुभम, वारिश, वंशी, शोभा, हीक्षिता, अरुण व्यास सहित कई साधक साधिकाएं श्रद्धालु शामिल रहे।


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