बाड़मेर स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य मरूभूमि में आधुनिकता और लोक संस्कृति का संगम

( 859 बार पढ़ी गयी)
Published on : 15 Jul, 26 17:07

बाड़मेर स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य मरूभूमि में आधुनिकता और लोक संस्कृति का संगम

जयपुर। राजस्थान का बाड़मेर रेलवे स्टेशन एक महत्त्वपूर्ण स्टेशन है। बाड़मेर में तेल और गैस (मंगला क्षेत्र), ऊर्जा (जेएसडब्ल्यू) और खनिज निष्कर्षण (बेंटोनाइट, जिप्सम, नमक) ने अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा दिया है। औद्योगीकरण बढ़ने के कारण होटल, स्कूल और परिवहन जैसी सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है। रेल यात्री भार में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्तमान मे बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर 28 ट्रेनों का ठहराव दिया गया है। यहां से लगभग 8000 यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि रेल यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बाड़मेर रेलवे स्टेशन को लगभग 16.18 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। बाड़मेर स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक, सुगम व उत्कृष्ट यात्रा अनुभव प्राप्त हो सके। इस पुनर्विकास के पश्चात बाड़मेर स्टेशन न केवल अत्याधुनिक स्वरूप में परिवर्तित होगा, बल्कि यह क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक उन्नति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्टेशन पर प्रवेश और निकास के लिए पृथक द्वारों सहित आधुनिक सर्कुलेटिंग एरिया तथा भू-दृश्य विकास, ऑटो, दोपहिया व चारपहिया वाहनों के लिए पृथक पार्किंग व्यवस्था, यात्रियों को चढने उतरने के लिए पोर्च, एवं दोगुनी ऊंचाई वाला चैड़ा प्रवेश द्वार, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए पृथक एवं उन्नत प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम व डोरमेट्री, साथ ही नया वीआईपी अतिथि कक्ष एवं स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, मौजूदा एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) पर लिफ्ट की सुविधा, स्टेशन अग्रभाग का सौंदर्य करण एवं 12 मीटर चैड़ा नया एफओबी, नवीन प्लेटफॉर्म आश्रय (शेल्टर), दिव्यांगजनों हेतु अनुकूल शौचालय ब्लॉक व पेयजल बूथ, बेहतर साइनबोर्ड, स्टेशन पर होर्डिंग्स, स्मारकीय ध्वज एवं उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर आदि विकास कार्य करवाए गये हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बाड़मेर रेलवे स्टेशन का यह कायाकल्प भारतीय रेल की आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल एवं यात्री-केंद्रित रेलवे प्रणाली के विकास के प्रति उसकी सुदृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कार्य न केवल क्षेत्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाएगा, बल्कि सामाजिक, आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के साथ-साथ मध्य भारत के पर्यटन मानचित्र पर बाड़मेर की पहचान को भी और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावशाली बनाएगा।
मुख्य विशेषताएँ
सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, अलग-अलग प्रवेश व निकास द्वार, समुचित और पर्याप्त पार्किंग, प्रवेश हाल, साइनेज की सुविधा, वेटिंग रूम, स्टेशन बिल्डिंग का नया स्वरूप, प्लेटफार्म शेल्टर तथा दिव्यांगजन सुविधाएं सहित फुट ओवर ब्रिज शामिल है। 


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.