उदयपुर, जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में राजकीय बालिका विद्यालय, आयड़ में शुक्रवार को "जल मॉनिटर" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत छात्राओं को विद्यालय एवं समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें "जल मॉनिटर" नियुक्त किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ जल संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. पी. सी. जैन ने वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से बढ़ते जल संकट, वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले सरल एवं प्रभावी जल संरक्षण उपायों की जानकारी दी।

डॉ. जैन ने कहा कि प्रत्येक जल मॉनिटर अपने विद्यालय, घर और आसपास के क्षेत्र में जल संरक्षण का संदेश पहुँचाएगी तथा अपनी कक्षा की अन्य छात्राओं को भी पानी की प्रत्येक बूंद बचाने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने बताया कि सभी जल मॉनिटरों के लिए प्रतिमाह ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल संवर्धन और जल प्रबंधन से जुड़ी नई जानकारियाँ एवं गतिविधियाँ साझा की जाएंगी।
कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्राओं ने "जल बचाएँ – भविष्य बचाएँ" का संकल्प लेते हुए अपने घर, विद्यालय और समाज में जल संरक्षण का संदेश पहुँचाने का वचन दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती रंजना शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। जल संरक्षण प्रभारी श्रीमती प्रावर्शी श्रीमाली ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्राओं की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण अभियान को नई दिशा मिलेगी।
इन छात्राओं को बनाया गया "जल मॉनिटर"
नर्मदा कुंवर, पिंकी कंवर, वर्णिका साहू, करीना चौधरी, लक्षिता वैष्णव, संजना, गिरजा गमेती, नैंसी कुम्हार, निशा कुमारी, सिद्धि लोहार, तंजिम कुरैशी, छवि लोहार एवं नंदनी कुमारी।