संसद में उदयपुर: पीएमजीएसवाई के तहत राजस्थान में 76 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण

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Published on : 21 Jul, 26 10:07

संसद में उदयपुर: पीएमजीएसवाई के तहत राजस्थान में 76 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण

 

सांसद डाॅ मन्नालाल रावत के प्रश्न पर ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश पासवान ने दी जानकारी
उदयपुर।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत राजस्थान में 76 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है। साथ ही 15 हजार 970 नई बस्तियां इस योजना में जोडी गई है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को लेकर लोकसभा में सांसद डाॅ मन्नालाल रावत की ओर से पूछे गए प्रश्न पर ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश पासवान ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई सड़कों का निर्माण राज्य सरकारों द्वारा कम से कम 10 वर्षों की डिजाइन जीवन समयावधि के साथ किया जाता है। पीएमजीएसवाई दिशानिर्देशों के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत निर्मित सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। मानक बोली दस्तावेज के अनुसार, पीएमजीएसवाई के सड़क निर्माण से जुड़े सभी कार्यों के लिए निर्माण अनुबंध के साथ ही उसी ठेकेदार के साथ शुरुआती पांच साल का रखरखाव अनुबंध किया जाना अनिवार्य है। इस अनुबंध को पूरा करने के लिए रखरखाव निधि का बजट राज्य सरकारों द्वारा तैयार किया जाना आवश्यक है और इसे राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसियों के पास एक अलग रखरखाव खाते में जमा किया जाना चाहिए। निर्माण के बाद के इस 5 साल के रखरखाव की अवधि समाप्त होने पर, पीएमजीएसवाई सड़कों को समय-समय पर चक्र के अनुसार नवीनीकरण सहित 5 साल के रखरखाव वाले जोनल रखरखाव अनुबंधों के तहत रखा जाना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के कार्यक्रम दिशानिर्देशों में विशेष श्रेणी के क्षेत्रों, जिनमें आकांक्षी जिले, जनजातीय क्षेत्र, मरुस्थलीय क्षेत्र और विशेष श्रेणी के क्षेत्र शामिल हैं, के लिए प्राथमिकता के आधार पर संपर्कता सुनिश्चित करने हेतु रियायत संबंधी विशिष्ट मानदंड शामिल किए गए हैं। जहां इस योजना के तहत संपर्कता प्राप्त करने के लिए अन्य बसावटों की पात्रता मानदंड 500 व्यक्तियों की आबादी है, वहीं जनजातीय (अनसूची ट) क्षेत्रों और चयनित जनजातीय तथा पिछड़े जिलों और पूर्वोतर तथा हिमालयी राज्यों के लिए, योजना के तहत बारहमासी सड़क संपर्कता प्रदान करने के लिए 250 और उससे अधिक की आबादी वाली असंबद्ध बसावटें पात्र हैं।


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