नए सत्र में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रहेगा विशेष फोकस

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Published on : 21 Jul, 26 10:07

पेसिफिक में बीबीए एवं बीकॉम पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को मिलेगी उद्योगोन्मुख एवं व्यावहारिक शिक्षा

नए सत्र में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रहेगा विशेष फोकस

उदयपुर। पेसिफिक यूनिवर्सिटी के पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस स्टडीज में बीबीएबीकॉम एवं एम.कॉम पाठ्यक्रमों के नए सत्र का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य प्रो. अनुराग मेहता ने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्थाछात्र-केंद्रित गतिविधियोंमेंटरशिप कार्यक्रमों तथा व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख शिक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिग्री के साथ-साथ भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है।

प्राचार्य ने बताया कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक सहायता के लिए बुक बैंक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही विद्यार्थियों को समय-समय पर अपडेटेड स्टडी मटेरियल एवं नोट्स भी उपलब्ध कराए जाते हैं। विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित आई.आई.टी व आई.आई.एम. से भी कोर्स के दौरान स्किल डवलपमेंट सर्टिफिकेट्स अर्जित करने के अवसर दिये जाएंगे।। डॉ. अली असगर ने बताया कि छात्र-शिक्षक संवाद को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक 15 विद्यार्थियों पर एक मेंटर की व्यवस्था की गई हैजिससे विद्यार्थियों की व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जा सके।

डॉ आबिद ने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को बेहतर विकास के लिए कई सहशैक्षणिक क्लब जैसे ए.आई. क्लबप्रोफेशनल संवाद क्लबउद्यमिता क्लबक्रिएटिव क्लबआनंद स्पोर्टस क्लब एवं योगा क्लब में सक्रिय रुप से भाग लेने के अवसर मिलेंगे।

डॉ. दीपिका चपलोत ने परीक्षा प्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षाएं सेमेस्टर प्रणाली के अंतर्गत आयोजित होंगीलेकिन विद्यार्थियों का निरंतर मूल्यांकन भी सेशनल परीक्षाओं तथा प्रेक्टिकल असाइनमेंट के जरिए किया जाएगा। डॉ. प्रियंका चौधरी ने बताया कि शिक्षा को केवल सैद्धांतिक अवधारणाओं तक सीमित न रखते हुए वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से समझाया जाएगा। केस स्टडी आधारित शिक्षण पर विशेष जोर रहेगा।

डॉ. भावना मेहता  और डॉ. रचना पालीवाल ने बताया कि परीक्षा में भी दो केस स्टडी शामिल की जाएंगीजिससे विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक एवं तार्किक क्षमता का विकास होगा तथा उनकी समस्या-समाधान क्षमता मजबूत होगी। डॉ. संगीता झा के अनुसार प्रैक्टिकल कार्यों में रिसर्च पेपर एवं केस स्टडी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सहायक आचार्य डिंपल और बिक्रमजीत ने संस्थान में विद्यार्थियों के नामांकनशैक्षणिक मार्गदर्शन तथा आवागमन से जुड़ी सुविधाओं पर विशेष जानकारी दी। नए सत्र के शुभारंभ पर विद्यार्थियों ने संस्थान की आधुनिक एवं छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली के प्रति उत्साह व्यक्त किया।


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