श्रीगंगानगर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर विद्यालयों में विधिक साक्षरता और संवेदीकरण हेतु ट्रांसफोरमेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम को निरन्तर जारी रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर द्वारा मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मल्टीपर्पज स्कूल श्रीगंगानगर में नशे को ना कहें थीम पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्दर सिंह उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान एडीजे श्री रवि प्रकाश सुथार ने स्कूल के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए, ‘‘नशीली दवाओं का ना कहें, अपने सपने को हाँ कहें’’ आधारित थीम पर बताया कि नशे का सेवन करने वाले इंसान का स्वास्थय खराब हो जाता है। वह सामाजिक रूप से भी पिछड़ जाता है। नशे का सेवन करने वाला इंसान अपराध में संलिप्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थ वे पदार्थ हैं, जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं। कुछ पदार्थ व्यक्ति को उत्तेजित करते हैं, कुछ नींद लाते हैं और कुछ भ्रम पैदा करते हैं, जिससे व्यक्ति को ऐसी चीजें दिखाई देती हैं, जो वास्तविक नहीं होती। एडीजे श्री सुथार ने एनडीपीएस अधिनियम 1985 नामक महत्वपूर्ण कानून के बारे में बताया कि भारत में कोई नशीले पदार्थ बेचते, खरीदते, रखते, सप्लाई करते या सेवन करते पाया जाने पर उसे इस कानून के तहत दंडित किया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों को नशे का सेवन ना करने व नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलवाई गई।
इसी क्रम में चीफ श्री रोहताश यादव द्वारा बच्चों को वर्तमान समय में मोबाईल का उपयोग जरूरत के अनुसार करने की सलाह दी गई व साईबर अपराध होने की स्थिति में साइबर पुलिस या संबंधित विभाग के पास शिकायत करना बताया गया। श्री अमन चलाना, डिफेंस काउंसिल द्वारा विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विद्यालय की उप प्रधानाचार्य श्रीमती राजेन्द्र कौर व विधि प्रशिक्षु श्री सुजल आदि उपस्थित रहे। मंच का संचालन श्रीमती मोनिका ने करते हुए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।