भाड़िया नवमी पर हर्षोल्लास से मनाया कालकामाता मंदिर का पाटोत्सव

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Published on : 22 Jul, 26 16:07

संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी - निवृति कुमारी मेवाड

भाड़िया नवमी पर हर्षोल्लास से मनाया कालकामाता मंदिर का पाटोत्सव

उदयपुर। गणेश नगर, पहाड़ा स्थित कालकामाता मंदिर में भाड़िया नवमी के अवसर पर बुधवार को माताजी का पाटोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक गुब्बारों से सजाया गया। मंदिर पुजारी देवेन्द्र सिंह गौड़ के अनुसार माताजी का विशेष श्रृंगार कर महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सुख-समृद्धि की कामना की। महाआरती में निवृति कुमारी मेवाड़, रॉयल संस्थान के गिरधारी लाल कुमावत सहित भक्त उपस्थित रहे। महिला समिति द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। माताजी को खीर, चूरमा और मलाई केक का भोग अर्पित किया गया तथा कन्याओं द्वारा केक काटकर प्रसाद वितरित किया गया। देर रात तक दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। इस अवसर पर महिला समिति द्वारा निवृति कुमारी का उपरणा ओढा कर सम्मान किया गय।

इस अवसर पर निवृति कुमारी मेवाड़ ने कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपराएं और धार्मिक आस्थाएं हमारी पहचान हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। त्योहार और धार्मिक आयोजन केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, एकता, सेवा और संस्कारों को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि परिवारों में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं से परिचित कराएं, ताकि हमारी गौरवशाली विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंच सके।


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