लोंगों के दिलों के ताने-बाने को मिलाने का प्रयास होगा भीलवाड़ा चातुर्मास- पुलकसागरजी महाराज 

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Published on : 23 Jul, 26 16:07

चातुर्मास में होगी सांस्कृतिक विरासत के साथ राष्ट्र, समाज एवं व्यक्ति के हित की बात 

लोंगों के दिलों के ताने-बाने को मिलाने का प्रयास होगा भीलवाड़ा चातुर्मास- पुलकसागरजी महाराज 

भीलवाड़ा। जब तक हम स्वयं नहीं चाहेंगे हमे भगवान भी नहीं बदल सकता। चातुर्मास में आपके मन की भावना खुद को बदलने की जागृत हो जाए यहीं प्रयास करेंगे। भीलवाड़ावासियों की कई वर्षो से भावना थी कि एक चातुर्मास हमे मिले वह भावना इस वर्ष साकार हो रही है। भीलवाड़ा को चातुर्मास के लिए इसलिए चुना है क्योंकि यहां साम्प्रदायिक सौहार्द, मानवीयता एवं अच्छे श्रोता है।  अच्छे श्रोता ही अच्छे वक्ता बनाते है। वस्त्रनगरी में चातुर्मास करके लोगों के दिलों के ताने-बाने को मिलाने का प्रयास करूंगा। ये विचार धर्मनगरी भीलवाड़ा की पावन धरा पर पहली बार चातुर्मास करने पधार रहे ओजस्वी प्रवचनकार प्रख्यात राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी म.सा. ने गुरूवार दोपहर चित्तौड़गढ़ रोड पर मण्डपिया स्थित आरएसडब्लयूएम परिसर में पूज्य पुलकसागरजी चातुर्मास समिति द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए। करीब 11 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद तीसरी बार भीलवाड़ा आ रहे पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी महाराज ने कहा कि चातुर्मास में राष्ट्र, समाज एवं व्यक्ति के हित की बात होगी। चिंतन के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत पर बात करेंगे। इंडिया को फिर से भारत बनाने ओर राष्ट्र पुर्नस्थापना की बात होगी क्योंकि ये कार्य संत ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति से समाज, समाज से राष्ट्र ओर राष्ट्र से विश्व की रचना होती है। राष्ट्र व विश्व रूपी वृक्ष की रक्षा के लिए परिवार रूपी जड़ को सिंचित करने का प्रयास चातुर्मास में होगा। उन्हांेंने बताया कि चातुर्मासिक मंगल प्रवेश 25 जुलाई को होगा। चित्रकूटधाम में 1 अगस्त को गुरू गुणानुवाद कार्यक्रम होंगा एवं चातुर्मासिक मंगल कलश की स्थापना 2 अगस्त को होगी। इन कार्यक्रम में देशभर से हजारों श्रद्धालु भी शामिल होने के लिए आएंगे। चातुर्मास के दौरान 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। नियमित चातुर्मासिक प्रवचन प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में होंगे। आभार श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष एवं दिगम्बर जैन समाज भीलवाड़ा के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने जताया। सभी का स्वागत एवं संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री जयकुमार पाटनी ने किया। इस अवसर पर लोकेश अजमेरा,नरेश गोधा,सुभाष हुमड ,प्रेमचंद सेठी,रवि चौधरी आदि भी मौजूद थे। 

 इस्तीफे मांगने की नहीं सिस्टम को बदलने की जरूरत 

राष्ट्र संत पुलकसागरजी महाराज ने दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के बारे में कहा कि युवाओं के पास गति है पर दिशा नहीं है। देश के हित में इनको सही दिशा देना जरूरी है। ऐसा नहीं कर पाए तो युवाओं का भविष्य ओर हमारा बुढ़ापा बिगड़ जाएगा। युवाओं के साथ बर्बरता अच्छी नहीं उन्हें बात करने का अवसर देना चाहिए। ये भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी से इस्तीफा लेने से हालात नहीं बदलते इसके लिए सूरत बदलने की कोशिश होनी चाहिए। सिस्टम को सुधारे बिना हालात नहीं बदल सकते। इस्तीफे की मांग पर बवंडर ठीक नहीं है।

 सन्यास की कोई उम्र तय नहीं हो सकती 

मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ने कहा कि मन में वैराग्य के भाव कब जागृत होंगे कोई नहीं जान सकता इसलिए सन्यास लेने की कोई उम्र तय नहीं हो सकती। क्योंकि ये लिया ओर दिया नहीं जाता ये तो मन से प्रकट होता है। बच्चा दीक्षा ले तो नहीं रोकना चाहिए क्योंकि वह किसी गलत मार्ग पर नहीं कल्याण पथ पर जा रहा है। उन्होंने कहा कि संथारा शांत भाव से जीवन त्यागने की साधना है जिसे आत्महत्या नहीं कह सकते। आत्मा अजर अमर मानी जाती है। संथारा मजबूरी नहीं पवित्र साधना होती है।

 भीलवाड़ा चातुर्मासिक आगमन पर शनिवार को होगा राजशाही स्वागत 

चातुर्मास संयोजक मनीष शाह ने बताया कि पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी महाराज के भीलवाड़ा चातुर्मासिक प्रवेश पर 25 जुलाई को सर्व समाज द्वारा भव्य राजशाही स्वागत अभिनंदन किया जाएगा। पूज्य गुरूदेव सहित छह संत एवं तीन क्षुल्लिका का चातुर्मास के लिए मंगल प्रवेश शोभायात्रा रामधाम से शाम 4 बजे शुरू होगी। शोभायात्रा रेलवे फाटक, मुरली विलास रोड, स्टेशन चौराहा, गोलप्याउ, नेताजी सुभाष मार्केट, सिंधुनगर, शास्त्रीनगर मेन सेक्टर स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर होते हुए सूर्यमहल पहुंच सम्पन्न होंगी। चातुर्मास सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि शोभायात्रा पर ड्रोन से पुष्प वर्षा होगी तो नासिक का प्रसिद्ध ढोल बैण्ड एवं उज्जैन का महाकाल ताशा बैण्ड विशेष आकर्षण रहेगा। पुष्कर के अन्तरराष्ट्रीय नगाड़ा वादक नाथुसिंह सोलंकी टीम के साथ गोल प्याउ चौराहे पर नगाड़ो की दिव्य ध्वनि एवं संगीत के साथ गुरूदेव की अगवानी करेंगे। दिगम्बर जैन महिला मण्डलों द्वारा देशभक्ति एवं धर्म संस्कृति से ओतप्रोत सजीव झांकियों की प्रस्तुति भी शोभायात्रा में होगी।

 पुलकसागरजी महाराज सुबह विहार कर पहुंचे मण्डपिया 

मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज के ससंघ भीलवाड़ा के लिए विहार यात्रा के दौरान धर्मध्वजा लेकर यहां के श्रद्धालु निरन्तर साथ चल रहे है ओर गुरूदेव को पूरे श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भीलवाड़ा लेकर आ रहे है। विहार संयोजक रवि चौधरी, अभिषेक पाटोदी, संदीप बाकलीवाल, अनंत जैन एवं पारस वैद की अगुवाई में 100 से अधिक युवाओं की टीम द्वारा चित्तौड़गढ़ से भीलवाड़ा तक विहार कराया जा रहा है। पूज्य पुलकसागरजी महाराज गुरूवार सुबह हमीरगढ़ स्थित नितिन स्पिनर्स से विहार कर मण्डपिया स्थित आरएसडब्ल्यूएम परिसर पहुंचे। तय कार्यक्रम के अनुसार आचार्यश्री ससंघ शुक्रवार सुबह विहार कर चित्तौड़ रोड पर ब्रांडेड फैक्ट्री के सामने स्थित शाह फार्म हाउस पर पहुचेंगे एवं आहार चर्या एवं रात्रि विश्राम करेंगे। भीलवाड़ा चातुर्मासिक मंगल प्रवेश से पूर्व शनिवार सुबह न्यू आजादनगर स्थित जय विलास होटल पहुचेंगे। यहीं से दोपहर 3 बजे रवाना होकर रामधाम चौराहे से भीलवाड़ा नगर में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश करेंगे।


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