उदयपुर,महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के अनुसंधान निदेशालय को नया नेतृत्व मिला है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् प्रोफेसर (डॉ.) मनोज कुमार महला ने गुरुवार को निदेशक अनुसंधान के पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं वैज्ञानिक समुदाय ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में कृषि अनुसंधान नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रो. (डॉ.) महला ने कहा कि उनका लक्ष्य अनुसंधान को किसान-केंद्रित, नवाचार-आधारित एवं वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक विज्ञान, उन्नत तकनीक और युवा वैज्ञानिकों की ऊर्जा के समन्वय से विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
निदेशक अनुसंधान का विज़न : प्रो. (डॉ.) महला ने कहा कि आने वाले समय में अनुसंधान निदेशालय की प्राथमिकता ऐसी तकनीकों का विकास होगा, जो किसानों की आय में वृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करें। उन्होंने बहुविषयक अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव प्रौद्योगिकी तथा डिजिटल कृषि जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान को नई गति देने पर बल दिया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में विकसित होने वाली प्रत्येक तकनीक और शोध का अंतिम लाभ समयबद्ध रूप से किसानों तक पहुँचे। इसके लिए अनुसंधान एवं कृषि प्रसार के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही युवा वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों को अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएँ, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन तथा नवाचार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार महला का संकल्प
"एमपीयूएटी को कृषि अनुसंधान, नवाचार और किसान हितैषी तकनीकों का उत्कृष्ट राष्ट्रीय केंद्र बनाना, जहाँ प्रयोगशाला में विकसित प्रत्येक शोध खेत तक पहुँचे और प्रत्येक नवाचार किसान की समृद्धि का आधार बने।"