मोबाइल निर्यात में बादशाह बना भारत, 2.59 लाख करोड का व्यापार, 165 गुना बढोत्तरी दर्ज

( 849 बार पढ़ी गयी)
Published on : 24 Jul, 26 10:07

मोबाइल निर्यात में बादशाह बना भारत, 2.59 लाख करोड का व्यापार, 165 गुना बढोत्तरी दर्ज

-सांसद डॉ मन्नालाल रावत के प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने दी जानकारी
-सेमीकॉन 2.0 में 1.275 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी
उदयपुर।
भारत अब देश में निर्यात किए जाने वाले कुल मोबाइल फोन का लगभग 99.2 प्रतिशत विनिर्माण करता है। मोबाइल फोन सबसे बड़े निर्यात किए जाने वाले आइटम के रूप में उभरा है। उद्योग का अनुमान है कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण अब लगभग 25 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करता है। देश में मोबाइल फोन का निर्यात 2014-15 में जहां 1500 करोड था वह अब 2026 तक बढकर 2.59 लाख करोड का हो गया है जिसमें 165 गुना बढोत्तरी दर्ज की गई है। 
सांसद डॉ मन्नालाल रावत की ओर से लोकसभा में इस संबंध में पूछे गए प्रश्न पर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में मोबाइल फोन का उत्पादन 2014 में 18 हजार करोड का था, वहीं 2026 तक यह बढकर 6.27 लाख करोड का हो गया है। मोबाइल उत्पादन में 33 गुना की वृद्वि दर्ज की गई। 
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की सेमीकंडक्टर रणनीति प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण पर आधारित है। यह एक सुविचारित रणनीति है, जिसका उद्देश्य तैयार उत्पादों के असेंबली, उप-असेंबली, घटकों, चिप डिज़ाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग आदि सहित विनिर्माण इकोसिस्टम का विकास करना है। सेमीकंडक्टर उद्योग एक मूलभूत उद्योग है। अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्र जैसे औद्योगिक, उपभोक्ता, रक्षा, दूरसंचार और मोटर वाहन आदि सेमीकंडक्टरों पर निर्भर करते हैं। यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, आर्थिक विकास और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर परिवर्तनकारी लाभ प्रदान करता है। 
76,000 करोड़ रुपये का सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम
सेमीकंडक्टर के महत्व को पहचानते हुए सरकार ने जनवरी 2022 में 76,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ एक समर्पित कार्यक्रम (सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम) शुरू किया। इस कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर फैब्स, डिस्प्ले फैब और सेमीकंडक्टर पैकेजिंग शामिल थे। इसमें सेमीकंडक्टर डिजाइन के लिए डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना भी शामिल थी। इस कार्यक्रम के तहत, सरकार ने लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये की कुल निवेश प्रतिबद्धताओं के साथ आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, पंजाब, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे 6 राज्यों में फैली 12 सेमीकंडक्टर विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन इकाइयों से फैक्ट्री ऑटोमेशन के स्तर के आधार पर लगभग 32,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित किए जाने की उम्मीद है। 
24 सेमीकंडक्टर डिजाइन परियोजना, 105 स्टार्ट-अप
इसके अलावा, वित्तीय सहायता के लिए 24 सेमीकंडक्टर डिजाइन परियोजनाओं को भी अनुमोदित किया गया है। इसके अतिरिक्त, 105 स्टार्ट-अप/एमएसएमई को उद्योग-मानक इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) उपकरणों तक पहुंच प्रदान की गई है। अब तक, इन चिप डिजाइन टूल्स का उपयोग 87 लाख घंटे से अधिक हो चुका है।
सेमीकॉन 2.0 में 1.275 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी
सेमीकॉन इंडिया 1.0 की सफलता के आधार पर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 जुलाई, 2026 को 1.275 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी। इस पहल का उद्देश्य एक आत्मनिर्भर, विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण इकोसिस्टम स्थापित करना है।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.