कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्य सैनिक बोर्ड, राजस्थान द्वारा कारगिल युद्ध (1999) में राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की वीर नारियों एवं वीर माताओं का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। यह समारोह 25 जुलाई 2026 को दोपहर 3:00 बजे जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।
सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीर माताएं, नागरिक प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक तथा आमजन उपस्थित रहेंगे। सभी उपस्थितजन कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे तथा वे सभी कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे तथा उनके परिवारों के त्याग और बलिदान के प्रति राष्ट्र की अटूट कृतज्ञता व्यक्त करेंगे।
इस सम्मान समारोह का उद्देश्य वीर नारियों एवं वीर माताओं के अदम्य साहस, अटूट धैर्य और अतुलनीय त्याग का सम्मान करना है। उनका संकल्प, साहस और धैर्य आज भी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरित करता है। यह समारोह कारगिल युद्ध के दौरान भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की गौरवशाली विरासत को संजोकर रखना तथा उनके बलिदान के प्रति राष्ट्र की सामूहिक श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता को पुनः अभिव्यक्त करने का भी प्रतीक है।
समारोह में वीर नारियों एवं वीर माताओं का सम्मान किया जाएगा। इसके बाद भारतीय सेना के ब्रास बैंड एवं पाइप बैंड की मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही, आर्मी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के साहस, शौर्य और बलिदान पर आधारित एक देशभक्ति नाटिका प्रस्तुत करेंगे। यह प्रस्तुति 'ऑपरेशन विजय' की गौरवशाली गाथा को जीवंत करते हुए युवा पीढ़ी में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और निस्वार्थ सेवा की भावना को प्रेरित करेगी।
यह सम्मान समारोह कारगिल के वीर शहीदों और उनके परिवारों के अदम्य साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह भारतीय सेना और राजस्थान की जनता की ओर से उनके बलिदान के प्रति सामूहिक सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्मृति समारोह साहस, कर्तव्य, बलिदान और राष्ट्रीय एकता के उन शाश्वत आदर्शों को पुनः रेखांकित करेगा, जो आज भी राष्ट्र का मार्गदर्शन करते हैं।