नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण केन्द्र के संबंध में सहमति बनी, धरना समाप्त करने पर सहमति

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Published on : 24 Jul, 26 17:07

नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण केन्द्र के संबंध में सहमति बनी, धरना समाप्त करने पर सहमति

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर श्री अमित यादव की अध्यक्षता तथा जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर की उपस्थिति में नरसिंहपुरा बारानी ठोस कचरा प्लांट हटाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों एवं प्रशासन के मध्य सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तृत वार्ता सम्पन्न हुई। वार्ता के उपरांत दोनों पक्षों के मध्य विभिन्न बिन्दुओं पर सहमति बनी तथा संघर्ष समिति द्वारा प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने एवं भविष्य में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के संबंध में किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। बैठक में यह सहमति बनी कि नरसिंहपुरा बारानी में केवल ठोस कचरा निस्तारण केन्द्र स्थापित किया जाएगा तथा यहां किसी भी प्रकार का कचरा डम्पिंग सेंटर नहीं बनाया जाएगा। प्लांट में केवल उतनी ही मात्रा में कचरा निस्तारण हेतु लाया जाएगा जितनी उसकी निर्धारित क्षमता होगी।

यह भी निर्णय लिया गया कि जब तक प्लांट पूर्ण रूप से स्थापित नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार का कचरा उक्त स्थल पर नहीं लाया जाएगा। भविष्य में निस्तारण हेतु लाया जाने वाला समस्त कचरा पूर्ण रूप से ढके हुए वाहनों में ही परिवहन किया जाएगा तथा खुले में किसी प्रकार का कचरा एकत्रित नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान दिनांक 22 जुलाई 2026 को विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज प्रकरणों का भी आपसी सहमति एवं वार्तानुसार नियमानुसार निस्तारण किए जाने पर सहमति बनी। साथ ही यह भी तय किया गया कि धरना स्थल की भूमि को किसी भी प्रकार से रिसीव नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति द्वारा उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर सहमति व्यक्त करते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा की गई। जिला प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि सभी पक्षों के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित की जा सकेगी।

आयुक्त नगर परिषद मिल्ख राज चुघ ने अवगत करवाया कि नरसिंहपुरा बारानी में ठोस कचरा प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट प्रस्तावित है, जो एलएनपी नहर से लगभग 500 मीटर तथा गौशाला की भूमि से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित है एवं नरसिंहपुरा गांव से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। श्रीगंगानगर शहर की लगभग 5 लाख की आबादी को देखते हुए ठोस कचरे का समुचित निस्तारण नगर परिषद की प्राथमिकता है। यदि शहर में उत्पन्न होने वाले कचरे का समयबद्ध तरीके से निस्तारण नहीं किया जाता है तो भविष्य में जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने तथा महामारी जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होेने की संभावना है।

आयुक्त नगर परिषद मिल्ख राज चुघ ने बताया कि यह प्लांट केवल 4 बीघा भूमि पर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है तथा इसकी कुल भूमि के लगभग 33 प्रतिशत भाग पर सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। प्लांट के चारों ओर हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) विकसित की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप संचालित होने वाले इस प्लांट के कारण धरती अथवा एलएनपी नहर के जल के दूषित होने की कोई संभावना नहीं है। प्रस्तावित प्लांट से गौवंश अथवा अन्य पशुओं जानवरांे को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। कचरे के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण के कारण जानवरों की पहुंच कचरे तक नहीं होगी। नगर परिषद, श्रीगंगानगर द्वारा पर्यावरणीय मानकों एवं दिशा निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी। शहर में 03 अलग अलग स्थानों पर ट्रांसफर स्टेशन बनाकर कचरे को पैकिंग कर बंद गाड़ियों के माध्यम से ठोस कचरा प्लांट पर पंहुचाया जावेगा, उसके पश्चात् निस्तारण किया जावेगा।


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