सालासर धाम बालाजी और ताल छापर अभ्यारण्य जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए बढ़ी सुविधाएं

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Published on : 24 Jul, 26 18:07

रतनगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास से धार्मिक, ऐतिहासिक और पारंपरिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सालासर धाम बालाजी और ताल छापर अभ्यारण्य जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए बढ़ी सुविधाएं

जयपुर। राजस्थान के चुरू जिले का शहर रतनगढ़, ‘‘राजस्थान की वाराणसी’’ के तौर पर मशहूर है। रतनगढ़ के पास ही काले हिरण के लिए प्रसिद्ध ताल छापर अभ्यारण्य भी स्थित है जहां वर्षभर पर्यटकों का आवागमन रहता है। रतनगढ़ स्टेशन से सालासर बालाजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी आवागमन करते हैं। यह शहर अपनी शानदार पारंपरिक हवेलियों जिन पर बारीक फ्रेस्को या भित्ति-चित्र बने हैं, अपनी समृद्ध हस्तशिल्प परंपराओं और ऐतिहासिक रेगिस्तानी किले के लिए जाना जाता है।
यह शहर शेखावाटी इलाके की वास्तुकला की विरासत का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहाँ दीवारों और छतों पर शानदार चित्रकारी की गई है। रतनगढ़ जीवंत, पारंपरिक राजस्थानी हस्तशिल्प और कलाकृतियों का एक स्थानीय केंद्र है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रतनगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। रतनगढ़ स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को हेरिटेज लुक के साथ जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाएँ मिलेंगी जिसमें स्थानीय कला एवं संस्कृति का समावेश किया गया है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर मंडल के रतनगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य का प्रथम चरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। लगभग 18.09 करोड़ की लागत से होने वाले पुनर्विकास कार्यों के अंतर्गत स्टेशन भवन के समरूप में बड़े स्तर पर सुधार कार्य किया गया है। स्टेशन की ओर आने.जाने वाले मार्ग में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग प्रावधान किया गया है। बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग एरिया में सौंदर्यकरण, दोपहिया, चैपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग सुविधा, बुकिंग ऑफिस रिटायरिंग रूम आदि में सुधार, नए टॉयलेट ब्लॉक्स का कार्य पूर्ण हो चुका है।
उपरोक्त कार्यो के अलावा सौंदर्यवर्धन के लिए एलइडी लाइटिंग तथा दीवारों पर आर्टवर्क भी किया जाएगा। सभी सुविधाओं का दिव्यांगजनों तक पहुंच बनाने के लिए उपयुक्त साइनेज भी लगाया जाएगा। स्टेशन के प्रकाश व्यवस्था में सुधार से संबंधित कार्य तथा हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए सोलर प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके अलावा यात्री सूचना प्रणाली में सुधार हेतु के कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन डिस्पले बोर्ड्स, सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़े एलइडी स्क्रीन्स तथा जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक भी लगाया जाएगा।
रतनगढ़ स्टेशन पर 12 मीटर चैड़ा पैदल पुल भी बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य 77 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस फुट ओवरब्रिज के निर्माण में लगभग 8.74 करोड़ रुपए की लागत आयेगी। स्टेशन की प्रकाश व्यवस्था, सुगम, निर्बाध एवं निरंतर तकनीकी रेल कार्यों के संचालन की दृष्टि से हरित ऊर्जा उत्पादन हेतु सोलर ऊर्जा प्लांट भी स्थापित किया जायेगा।
       अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन के पुनर्विकसित होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, आवागमन सुगम होगा एवं पर्यटक भी लाभान्वित होंगे।
स्टेशन के पुनर्विकसित होने से पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प कला आदि को बढ़ावा मिलेगा जिससे क्षेत्र की लोकप्रियता बढ़ेगी एवं साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस प्रकार स्टेशन के पुनर्विकास से क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास भी होगा।


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