उदयपुर। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन, भारत सरकार द्वारा संचालित "अंगदान – जीवन संजीवनी अभियान" तथा अंगदान जागरूकता माह – जुलाई 2026 के अंतर्गत पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (पिम्स ), उदयपुर में "अंगदान और उसका महत्व" विषय पर एक प्रेरणादायक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान सरकार के चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रोहन एस. मोनिस, सीएओ, केएमसीएच एंड आरसी तथा ऑर्गन डोनेशन चेयर – रोटरी क्लब/ऑर्गन डोनेशन इंटरनेशनल रहे। उन्होंने अंगदान से जुड़े वैज्ञानिक, सामाजिक एवं मानवीय पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक अंगदाता कई लोगों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने मृत्यु के पश्चात अंगदान के महत्व, उससे जुड़ी भ्रांतियों तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
व्याख्यान में साई तिरुपति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रशान्त नाहर, रजिस्ट्रार डॉ. देवेन्द्र जैन एवं पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेश गोयल, डॉ. दिलीप कुमार पारीक एवं विभिन्न घटक महाविद्यालयों के प्राचार्यों, संकाय सदस्यों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वैच्छिक अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रणव कुमार, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से अंगदान का संकल्प लेने का आह्वान किया। यह आयोजन अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ। डॉ. श्रीनिधि, प्रोफेसर, फिजियोलॉजी ने धन्यवाद व्यक्त किया।