उदयपुर। राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद की प्रांतीय महिला बैठक रविवार को परिषद के कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर से आई महिला कार्यकर्ताओं ने संगठन विस्तार, समाज जागरण तथा समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय महिला प्रमुख श्रीमती नलिनी मेहता ने नारी सुरक्षा, लव जिहाद जैसे विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने समाज की मातृशक्ति से संगठित रहकर परिवार एवं समाज में जागरूकता का वातावरण बनाने तथा संगठन को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
अखिल भारतीय ग्राम विकास सह प्रमुख डॉ. राधिका लड्ढा ने आगामी फरवरी में होने वाली जनगणना के संदर्भ में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि जनजाति समाज को अपनी धार्मिक पहचान के संबंध में जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि जनगणना के दौरान जनजाति समाज अपने धर्म के रूप में हिन्दू का ही उल्लेख करे तथा अन्य धर्म श्रेणी में स्वयं को दर्ज न कराए। साथ ही उन्होंने जनजाति क्षेत्रों की समस्याओं एवं चुनौतियों के समाधान में प्रत्येक कार्यकर्ता की सक्रिय भूमिका पर भी प्रकाश डाला। बैठक में जगदीश कुलमी ने महिलाओं के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास के महत्व पर अपने विचार रखते हुए ग्राम स्तर तक संगठन, सेवा और संस्कार आधारित गतिविधियों को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रांत महिला प्रमुख श्रीमती सुगना देवी मीणा एवं सह-प्रांत महिला प्रमुख श्रीमती सविता देवी खराड़ी की विशेष उपस्थिति रही। बैठक में राजस्थान के 18 जिलों से 46 महिला कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की तथा समाजहित के विभिन्न विषयों पर संकल्प व्यक्त किया।