नाथद्वारा,उदयपुर | मेवाड़ की धरती के लिए गर्व और गौरव का ऐतिहासिक क्षण उस समय आया जब सुरेंद्र सिंह देवड़ा ने देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के त्रिशूल शूटिंग रेंज में आयोजित जसपाल राणा इंडिया ओपन शूटिंग चैंपियनशिप की 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल (डेफ कैटेगरी) स्पर्धा में पहली बार भाग लेते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर पूरे राजस्थान और मेवाड़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया।
जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ होने के बावजूद सुरेंद्र सिंह देवड़ा ने कभी अपनी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। कठिन संघर्ष, अनुशासन और अथक मेहनत के बल पर उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर यह सिद्ध कर दिया कि हौसलों की उड़ान के आगे कोई भी दिव्यांगता बाधा नहीं बन सकती।
वर्तमान में सुरेंद्र सिंह देवड़ा, अंतरराष्ट्रीय शूटिंग कोच डॉ. जितेंद्र सिंह चुंडावत के मार्गदर्शन में मेवाड़ राइफल शूटिंग क्लब, नाथद्वारा में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनकी इस सफलता में कोच के तकनीकी मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और समर्पित प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
सुरेंद्र सिंह एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता इलेक्ट्रिशियन हैं तथा भाई इंजीनियर हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया और उनके सपनों को पंख दिए। आज उसी संघर्ष का परिणाम पूरे देश के सामने स्वर्ण पदक के रूप में दिखाई दे रहा है।
यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि उन सभी दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं। मेवाड़वासियों, खेल प्रेमियों और शूटिंग जगत में इस उपलब्धि पर खुशी की लहर है तथा सुरेंद्र सिंह देवड़ा को लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह मायदा ने कहा कि "सुरेंद्र सिंह देवड़ा की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और सही मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी बाधा सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। हमें विश्वास है कि सुरेंद्र भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी तिरंगा शान से लहराएंगे।"
मेवाड़ राइफल शूटिंग क्लब ने इस ऐतिहासिक स्वर्णिम उपलब्धि पर सुरेंद्र सिंह देवड़ा और उनके परिवार को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।