मुकेश के सदाबहार गीतों से सजी संगीतमय शाम, श्री चित्रगुप्त सभा ने मनाई 103वीं जयंती

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Published on : 27 Jul, 26 06:07

मुकेश के सदाबहार गीतों से सजी संगीतमय शाम, श्री चित्रगुप्त सभा ने मनाई 103वीं जयंती

पारिवारिक निर्देशिका 2026' का हुआ विमोचन, 28 से अधिक कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

उदयपुर |  श्री चित्रगुप्त सभा (माथुर), उदयपुर द्वारा हिंदी फिल्म जगत के महान पार्श्वगायक स्वर्गीय मुकेश चंद माथुर की 103वीं जयंती के अवसर पर "मुकेश नाइट – गीतों भरी शाम" का भव्य आयोजन हिरण मगरी, स्थित अटल सभागार में किया गया। कार्यक्रम में समाज के सदस्यों ने मुकेश के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर उन्हें भावपूर्ण संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ आराध्य देव श्री चित्रगुप्त जी महाराज एवं स्वर्गीय मुकेश की तस्वीर पर पुष्पांजलि, दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित संगीतमय संध्या में समाज के 28 से अधिक कलाकारों ने "वो तेरे प्यार का ग़म", "एक प्यार का नगमा है", "मैं ढूंढता हूं जिनको", "मेरी तमन्नाओं की तकदीर", "हम तो तेरे आशिक हैं", "जिंदगी ख्वाब है", "चल मेरे दिल", "दिल तड़प-तड़प के", "एक दिन बिक जाएगा", "जो तुमको हो पसंद", "चंदन सा बदन", "गोरे-गोरे चांद से", "क्या खूब लगती हो", "ये मेरा दीवानापन है", "डम-डम डिगा-डिगा", "कभी-कभी मेरे दिल में", "जिंदगी की न टूटे लड़ी", "सावन का महीना", "इब्तदाए इश्क में", "मैंने तेरे लिए", "दीवानों से ये मत पूछो", "धीरे-धीरे बोल","में पल दो पल ka","वक्त करता जो वफा", "कहीं दूर जब दिन ढल जाए", "मुझको इस रात की तन्हाई में", "रुक जा ओ जाने वाली" तथा "किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार" जैसे अमर गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा "पारिवारिक निर्देशिका-2026" का पारंपरिक विधि-विधान से विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर सभा अध्यक्ष भुवनेश्वर माथुर ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के सदस्यों को एक मंच पर जोड़ने के साथ-साथ महान गायक मुकेश की अमर संगीत विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नई पारिवारिक निर्देशिका समाज के सदस्यों के बीच आपसी संपर्क, सहयोग एवं संगठनात्मक एकता को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

सभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम की सफलता में सहयोग देने वाले सभी भामाशाहों, समाजजनों एवं कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया। मुख्य सचिव दिनेश माथुर ने सभी कार्यकारिणी सदस्यों, कलाकारों एवं उपस्थित समाजबंधुओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इसमें नरेंद्र माथुर,धर्मिष्ठ,राजीव,सुधीर,सतीश- अनुपमा,जगदीश नारायण,श्याम लाल,रजनी -रविन्द्र ,ज्ञानेश, अमित, सुधा,कुलदीप,अमर,विकास- श्रेया, सीमा, चित्रांश,तिलकेश ,युगल मोहित प्रीति,अनुराधा,प्रीति,सीमा पियूष,वीरेंद्र,युगल मूमल गौरव,चंद्रकला,पूजा, लक्ष्मी,विजय आदि ने गीत प्रस्तुत किये ।

कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन समाज की मातृशक्ति द्वारा प्रस्तुत सामूहिक गीतों के साथ हुआ। कार्यक्रम का प्रभावी एवं आकर्षक संचालन राजकुमार माथुर, सांस्कृतिक सचिव योगिता माथुर एवं अनुवाक माथुर ने किया। समारोह में समाज के वरिष्ठजन, युवा, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।

 


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