महाराणा प्रताप यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के कुलगुरु प्रोफेसर डॉक्टर प्रताप सिंह ने आज कहा कि यूनिवर्सिटी में जितने भी जल स्रोत कुये,बावड़ी, हैंड पंप, ट्यूबवेल आदि का शीघ्र सर्वे कराया जाएगा । सर्वे में किस-किस जल स्रोत में कितना पानी है, शुद्धता की जांच, रेनवाटर हार्वेस्टिंग से कितने जल स्रोत जुड़े हैं, और यह रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अभी वर्किंग कंडीशन में है या नहीं इसका सर्वे कराया जाएगा। इस हेतु वरिष्ठ जल मित्र डॉक्टर पी सी जैन आज कुलगुरु प्रोफेसर डॉक्टर प्रताप सिंह से मिले और उन्हें इस प्रकार का सर्वे करने का आग्रह किया। डॉ पीसी जैन ने आग्रह किया कि जिन-जिन भवनों की छत का वर्षा जल व्यर्थ बह रहा है उसे किसी न किसी निकट के जल स्रोत में डाला जाए ताकि वर्षा का जल व्यर्थ न बह सके।