श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान एवं शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों के फिजिकल एक्सपोजर के लिए म्यूजियम, वेटरनरी कॉलेज, मेडिकल कॉलेज एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों का एक्सपोजर विजिट कराने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान एवं सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में नामांकन कम है उनको बढ़ाने के लिए कहा , ड्रॉपआउट रोकने, आधार आईडी अपडेट, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पीएमश्री विद्यालयों की प्रगति, विज्ञान एवं आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, खेल सुविधाओं तथा आधारभूत संसाधनों की समीक्षा की गई। साथ ही जिस विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही जो कक्ष बैठने योग्य अथवा उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं हैं, उनका उपयोग नहीं किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में कक्षा 9 एवं 10 की छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें उसके साथ ही विद्यालयों में सेनेटरी पैड की पर्याप्त उपलब्धता रखी जाए तथा इसकी मा मोनिटरिग लिए महिला अध्यापिका को प्रभारी बनाया जाए। इसके साथ ही लाडो योजना के अंतर्गत पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों के विषयगत कॉन्सेप्ट स्पष्ट किए जाएं। उन्होंने पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि छोटे बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं कराए, क्योंकि अत्यधिक मोबाइल उपयोग से उनके मानसिक एवं शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई एवं गतिविधियों की नियमित निगरानी रखने का भी आह्वान किया।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति की जाए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा का लाभ पहुंच सके।
बैठक में श्री अरविंद्र सिंह सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।