उदयपुर। साई तिरुपति विश्वविद्यालय की ओर से पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पिम्स ), उदयपुर में "अंगदान – जीवन संजीवनी अभियान" विषय पर अंगदान जागरूकता ई-पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जनसामान्य को इस महादान के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रशांत नाहर रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में रजिस्ट्रार डॉ. देवेंद्र जैन तथा प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेश गोयल उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि "अंगदान महादान है", जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान करने का सर्वोच्च मानवीय कार्य है।
प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न घटक महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने रचनात्मक ई-पोस्टरों के माध्यम से अंगदान के महत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा जीवन बचाने में इसकी भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ. सरिता काँथ, चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. विजय रावत, प्रधानाचार्य वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं डॉ. अनुराग पटेरिया, न्यूरोसर्जन ने विद्यार्थियों की सृजनात्मकता एवं संदेश की प्रभावशीलता की सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संकाय सदस्यों, आयोजन समिति, स्वयंसेवकों एवं तकनीकी टीम का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज में अंगदान के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया। यह आयोजन साई तिरुपति विश्वविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रणव कुमार, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से अंगदान का संकल्प लेने का आह्वान किया। यह आयोजन अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।