स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग ,शिक्षा विभाग अधिकारियों के संरक्षण के चलते निजी शिक्षण संस्थानों में हादसे*
कार्यवाही के नाम पर लीपा पोती का खेल
बांसवाड़ा। राजस्थान के दक्षिण अंचल वागड़ परिक्षेत्र बांसवाड़ा जिले में निजी शिक्षण संस्थानों में व्यापक लापरवाही परिलक्षित होने के बावजूद शिक्षा अधिकारियों की मिलीभगत के खेल के चलते विद्यार्थियों की मौत हो जाने पर भी मान्यता रद्द नहीं की जाती है और जांच की आड़ में किन कारणों से कठोर कार्यवाही नहीं होने से आज फिर से एक बालक की दुर्घटना में अकाल मौत हो गई।
इधर राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने बालक की दुखद मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की ओर
मृत्यु से सबक लेते हुए आगे किसी भी विद्यार्थी के साथ अनहोनी नहीं हो इस हेतु संगठन द्वारा व्यापक आंदोलन चलाते हुए अभिभावकों में जनजागरण चलाने का निर्णय लिया है।
संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि सेंट पॉल स्कूल वैन की टक्कर चालक द्वारा निर्धारित गति से अधिक तेज चलाने के कारण हादसा हुआ है।
जिसमें निजी शिक्षण संस्थानों की लापरवाही कोताही स्पष्ट परिलक्षित होती हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों,परिवहन विभाग के अधिकारियों , जिला प्रशासन उपखण्ड अधिकारीयों के कार्यालय , घरों के सामने से ओवर लोडेड ऑटो, वेन,बस निकलती है किन्तु कोई कार्यवाही क्यों नहीं होती हैं जबकि मान्यता रद्द करने की आवश्यकता हैं।
उल्लेखनीय हैं कि राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में निजी शिक्षण संस्थानों को निरीक्षण संबलन के आदेश जारी किए गए हैं।
राज्य सरकार को भेजे ज्ञापन में शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है जिनकी लापरवाही कोताही बरतने से उक्त दुखद घटना कारीत हुई।
ज्ञापन की कॉपी मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री,महामहिम राज्य पाल ,मुख्य सचिव को भेजी गई है।