निम्बाहेड़ा। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय, निम्बाहेड़ा में भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, सम्मान एवं उल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेयरपर्सन श्री कैलाश चन्द्र मूंदड़ा एवं विश्वविद्यालय के कुलपति (वाइस चांसलर) डॉ. महेश दीक्षित ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाले शिक्षक ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले पथप्रदर्शक एवं व्यक्तित्व निर्माण के सच्चे शिल्पकार होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं भारतीय परंपराओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का ओपरना ओढ़ाकर, पुष्प एवं पेन भेंट कर सम्मान एवं अभिनंदन किया। विद्यार्थियों द्वारा गुरुजनों के प्रति व्यक्त की गई श्रद्धा, सम्मान एवं आत्मीयता ने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया। परिसर में गुरु वंदना एवं भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. स्मिता शर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर आकाश टांक ने किया।
इस अवसर पर डॉ. राहुल शर्मा, नटवर भाम्बी, मेघा मंत्री, कुसुम गुर्जर सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।