उदयपुर। जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल अधिकारिता विभाग की त्रैमासिक बैठक बुधवार को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा के सानिध्य में आयोजित हुई। बैठक में जिले में बाल संरक्षण, बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम की रोकथाम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में एडीएम ओझा ने चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक को निर्देश दिए कि शहर में बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। अभियान के दौरान बाल भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों के माता-पिता एवं उन्हें इस कार्य के लिए प्रेरित करने वाले अन्य लोगों को समझाइश करते हुए आवश्यकतानुसार पाबंद किया जाए, ताकि बच्चों को इस कुप्रथा से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि विद्यालय से ड्रॉपआउट होकर बालश्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक बच्चा शिक्षा के अपने अधिकार से वंचित न रहे।
बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा भी की गई तथा बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। इस दौरान सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग गौरव सारस्वत, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष यशोदा पनिया, सदस्य संगीता राव एवं अंजना जोशी, बाल अधिकारिता विभाग के संरक्षण अधिकारी राजकुमार जीनगर, पंकज प्रचार, दिशा भार्गव, चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक नवनीत औदीच्य, मोइन मंसूरी सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।