उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के राजस्थान कृषि महाविद्यालय में आज गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मोहिनी मोहन मिश्र, अखिल भारतीय महामंत्री, भारतीय किसान संघ ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में डॉ. एस. के. शर्मा, सहायक महानिदेशक (मानव संसाधन विकास) भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश कुमार गुप्ता, अनुसंधान निदेशक डॉ. मनोज कुमार महला, प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. आर. एल. सोनी, मात्स्यिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एल. एन. महावर, कुलसचिव श्री अशोक कुमार सहित विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ। राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
अपने उद्बोधन में श्री मोहिनी मोहन मिश्र, अखिल भारतीय महामंत्री, भारतीय किसान संघ ने किसानों की वर्तमान समस्याओं, कृषि क्षेत्र की चुनौतियों तथा उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान की भूमिका पर भी अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने कहा कि गुरु ही व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं तथा ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि आज हम जो भी योग्य एवं सफल हैं, उसमें हमारे गुरुओं का अमूल्य योगदान है। गुरु के मार्गदर्शन के बिना जीवन में सफलता प्राप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुरुजनों के प्रति सदैव सम्मान, श्रद्धा एवं कृतज्ञता का भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन गुरु वंदना एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. के. डी. आमेठा द्वारा किया गया।