ऑपरेशन स्माईल के तहत हुई रेंज स्तरीय कार्यशाला

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Published on : 30 Jul, 26 13:07

ट्रांसजेण्डर समुदाय के सम्मान के साथ उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूकता व संवेदनशीलता जरूरी- आईजी श्रीवास्तव

ऑपरेशन स्माईल के तहत हुई रेंज स्तरीय कार्यशाला

उदयपुर,  अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सिविल राईट्स एवं एएचटी राजस्थान जयपुर के दिशा- निर्देशानुसार एवं राजस्थान पुलिस द्वारा राज्य व्यापी ऑपरेशन स्माईल के तहत श्रीमान महानिरीक्षक पुलिस गौरव श्रीवास्तव उदयपुर रेंज के निर्देशानुसार उदयपुर रेंज पुलिस एवं यूनिसेफ राजस्थान के तत्वावधान में ट्रांसजेण्डर समुह के व्यक्तियों की रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को विद्याभवन ऑडिटोरियम फतहपुरा उदयपुर में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए आईजी श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रांसजेंडर को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रेंज के नामित पुलिस थानों के ट्रांसजेण्डर्स पुलिस नोडल अधिकारियों तथा रेंज के ट्रांसजेण्डर्स समुदाय के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ग के विशेष सम्मान के साथ उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूकता एवं संवेदनशीलता जरूरी है। उन्होंने पुलिस थाना स्तर पर नियुक्त नोडल पुलिस अधिकारियों को अधिनियम के अध्ययन तथा उसकी अनुपालना के लिए आवश्यक निर्देश उपलब्ध कराए। उन्होंने ट्रांसजेण्डर्स के अधिकारों के संरक्षण के लिए अधिनियमों एवं विविध प्रावधानों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में नई भौर संस्थान की निदेशक पुष्पा माई द्वारा ट्रांसजेण्डर अधिकारों का संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत पुलिस अधिकारियों के लिए निर्धारित नियमों तथा व्यवहार के बारे में सुझाव उपलब्ध कराए। उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों से ट्रांसजेण्डर समुदाय के उत्थान के लिए किये गये प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेण्डर समुदाय को हरसंभव सुविधाएं मिले और उन्हें समाज में विशिष्ट स्थान मिले और उनके बेहतर स्वास्थ्य के साथ सुरक्षित वातावरण मिले इसके लिए हम सतत प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने मौजूद पुलिस अधिकारियों को ट्रांसजेण्डर से जुड़े प्रकरणों में पूर्ण संवेदनशीलता बरतने की बात कही।
यूनिसेफ राजस्थान की बाल संरक्षण अधिकारी हिमाली लेउवा ने ट्रांसजेण्डर वर्ग के लिए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया और यूनिसेफ की ओर से इस वर्ग के लिए किये जा रहे विशेष प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने ट्रांसजेंडर बच्चों के बाल अधिकारों, उनकी सुरक्षा तथा शोषण की रोकथाम पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भेदभाव-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना समाज, पुलिस और बाल संरक्षण तंत्र की साझा जिम्मेदारी है। 
उदयपुर रेंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेतना भाटी ने ट्रांसजेण्डर वर्ग के लिए कार्य कर रहे पुलिस अधिकारियों को निर्धारित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज में इन लोगों का विशिष्ट स्थान है और इनका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि इन लोगों के लिए संवेदनशील होकर कार्य करने से परमात्मा भी प्रसन्न होता है और हमें दुआएं मिलती है। मनोचिकित्सक डॉ. अंजली शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य एवं समस्याओं के बारे में बताते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य किसी भी लिंग, समुदाय के व्यक्ति के लिए मूलभूत आवश्यकताओं में आता है। उन्होने पीपीटी के माध्यम से वर्तमान समय की समस्याओ के बारे में जानकारी देते हुए अधिकतर व्यक्ति वर्तमान समय में अवसाद की स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होने अवसाद और मानसिक समस्याओं के तथा उनके समाधान के लिए विभिन्न सुविधाओं, प्रक्रियाओं तथा हेल्पलाईन नम्बर 14416 के बारे में जानकारी दी और वातावरण के अनुसार खान-पान निर्धारित करने की बात कही। समाज कल्याण एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक आरूषी मेम ने ट्रांसजेण्डर वर्ग के लिए संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। विभाग के परामर्शदाता श्री अमित भट्ट ने ट्रांसजेडर के लिए रजिस्ट्रेशन की ऑनलाईन प्रक्रिया के बारे में बताया और इनके लिए विभाग की ओर से संचालित पेंशन योजना, छात्रवृत्ति योजना, स्माईल योजना, गरिमा गृह, ट्रांसजेण्डर कल्याण बोर्ड, मनोवैज्ञानिक सहायता के साथ इस वर्ग के लिए संचालित निःशुल्क व रियायती योजनाओं की जानकारी दी। युनिसेफ की राज्य स्तरीय सलाहकार श्रीमती सिन्धु बिनुजीत ने कार्यशाला के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और उपस्थित पुलिस अधिकारियों को महिला हेल्प डेस्क के साथ थाने पर आने वाले किसी भी लिंग समुदाय के पीडित व्यक्ति के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेण्डर समुदाय एवं पुलिस के बीच समन्वय स्थापित करते हुए विभिन्न प्रावधानों एवं अधिनियमों की जानकारी से अवगत कराने हेतु समय समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने रेंज स्तर पर ट्रांसजेण्डर वर्ग के लिए आयोजित की जा रही गतिविधियों की भी जानकारी दी। कार्यशाला में जेण्डर समानता पर विकसित वीडियों व पीपीटी साझा किया गया। कार्यशाला के दौरान खुली चर्चा के दौरान प्रतिभागियां ने ट्रांसजेडर संबंधित मामलों में आने वाली समस्याओं पर विचार विमर्श किया। कार्यशाला में उदयपुर रेंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध एवं सतर्कता रेंज उदयपुर श्री हर्ष रतनू, उदयपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह, चित्तौडगढ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा, प्रतापगढ़ के  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह, डूंगरपुर  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह, बांसवाडा के उप अधीक्षक महिपाल सिंह और रेंज के सभी नोडल अधिकारियों, चाइल्ड लाइन तथा ट्रांसजेण्डर्स समुदाय के सदस्यों के साथ महानिरीक्षक पुलिस कार्यालय के राजेन्द्र सिंह व उदयपुर के महिला अपराध अनुसंधान के गोविन्द सिंह, शिरीन बानू, वन राज सिंह, जीना पाटीदार, अधिकारीगण एवं पुलिंसंग फॉर केयर कार्यक्रम के दिलीप सालवी सहित 200 से ज्यादा प्रतिभागी उपस्थित थे कार्यक्रम का प्रभावी संचालन विद्या पंवार ने किया।


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