उदयपुर, माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमईएआई) राजस्थान चैप्टर उदयपुर की नवगठित कार्यकारिणी (सत्र 2026-2028) की पहली बैठक इंद्रप्रस्थ कॉम्प्लेक्स स्थित एमईएआई कार्यालय में आयोजित हुई। चैप्टर अध्यक्ष महेश माथुर की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में संगठन के आगामी दो वर्षों के लिए तकनीकी, संस्थागत एवं व्यावसायिक विकास की व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
इस अवसर पर संस्था के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों, संरक्षकों, पूर्व अध्यक्षों, पूर्व सचिवों, वरिष्ठ सदस्यों एवं मार्गदर्शकों का सम्मान कर खनन अभियांत्रिकी क्षेत्र तथा एसोसिएशन के विकास में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता उसके अनुभवी मार्गदर्शकों के अनुभव और युवा सदस्यों के उत्साह के समन्वय से ही संभव होती है।
उपाध्यक्ष असित एम. अंसारी, सचिव डॉ. हितांशु कौशल, संयुक्त सचिव डॉ. मकबूल अहमद तथा कोषाध्यक्ष आर.सी. पुरोहित सहित सभी पदाधिकारियों ने वरिष्ठ सदस्यों एवं कार्यकारिणी का स्वागत किया। सचिव डॉ. हितांशु कौशल ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत करते हुए सत्र 2026-2028 की प्रस्तावित गतिविधियों, तकनीकी कार्यक्रमों एवं भावी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। सभी प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श के बाद उन्हें सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
कार्यकारिणी ने आर.पी. गुप्ता, ए.के. कोठारी और अखिलेश जोशी को चैप्टर के संरक्षक (च्ंजतवदे) के रूप में अनुमोदित किया,साथ ही स्थायी आमंत्रित सदस्यों, सलाहकार समिति तथा विभिन्न कार्यात्मक बोर्डों एवं समितियों के गठन को मंजूरी दी गई। इन समितियों में तकनीकी कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास, प्रकाशन एवं मीडिया, उद्योग संबंध एवं संसाधन सृजन, डिजिटल संचार एवं वेबसाइट, पर्यावरण एवं पौधारोपण, सदस्यता एवं कार्यालय प्रशासन, आतिथ्य एवं आयोजन, खान भ्रमण, औद्योगिक संवाद तथा अनुसंधान से जुड़ी समितियां शामिल हैं। छात्र अध्यायों के लिए भी मार्गदर्शकों का मनोनयन किया गया।
बैठक में आगामी अक्टूबर अथवा नवंबर माह में अरावली हिल्स एवं रेंजेज विषय पर राष्ट्रीय तकनीकी सम्मेलन आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सम्मेलन में देशभर के खनन विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं नीति-निर्माताओं को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही अरावली विषय पर चल रही हितधारक जन-परामर्श प्रक्रिया में डम्।प् राजस्थान चैप्टरदृउदयपुर की ओर से तकनीकी सुझाव तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन भी किया गया।
बैठक में राजस्थान की समृद्ध खनिज विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से माइनिंग म्यूजियम एवं मिनरल गैलरी की स्थापना का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सदस्यों ने इसे प्रदेश के खनिज इतिहास, तकनीकी विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
बैठक में अभय अग्रवाल, डॉ. अनुपम भटनागर, एस.एस. राठौड़, नवीन ऐरन, एम.एस. पालीवाल, डॉ. एस.के. वशिष्ठ, वाई.सी. गुप्ता, आर.पी. माली, डी.डी. श्रीपथ सहित अनेक वरिष्ठ सदस्य एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। अंत में सभी सदस्यों ने सत्र 2026-2028 के दौरान चैप्टर को तकनीकी, व्यावसायिक एवं संस्थागत दृष्टि से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा खनन क्षेत्र के सतत एवं वैज्ञानिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।