गुरु पूर्णिमा पर बल्लिया जागरूक धूणी में उमड़ा आस्था का सैलाब

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Published on : 31 Jul, 26 06:07

कथावाचक कमलेश जी शास्त्री ने दिया सनातन, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश, रौशनी बारोट रहीं विशेष आकर्षण

गुरु पूर्णिमा पर बल्लिया जागरूक धूणी में उमड़ा आस्था का सैलाब

बनकोड़ा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वागड़ अंचल स्थित बल्लिया जागरूक धूणी में भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन हुआ, जिसमें दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ, गुरुजनों एवं संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। भजन, कीर्तन, सत्संग और कथा से पूरा धूणी परिसर दिनभर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।


कार्यक्रम के मुख्य कथावाचक कमलेश जी शास्त्री ने अपने प्रवचन में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, हिंदुत्व, सामाजिक समरसता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है और सभी को मतभेद भुलाकर संस्कृति एवं राष्ट्रहित के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर वागड़ की बेटी, मॉडल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं सामाजिक कार्यकर्ता रौशनी बारोट भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि, "सोमनाथ जाओ, केदारनाथ जाओ, बद्रीनाथ जाओ… लेकिन उससे पहले अपनी वागड़ की पावन धरती पर स्थित बल्लिया जागरूक धूणी में तो आना ही पड़ेगा ना?" उनके इस संदेश का उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

रौशनी बारोट ने कहा कि उनकी जन्मभूमि और मातृभूमि ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। वागड़ की मिट्टी उनके लिए मां के समान है और अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत से जुड़ना उनके लिए गर्व का विषय है।

रौशनी बारोट NIM Foundation की संस्थापक हैं और महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सेवा एवं जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्हें Miss & Mrs India International 2019 में First Runner-up तथा Supermodel का खिताब भी प्राप्त हो चुका है।

कार्यक्रम में कमलेश जी बावलिया, केडी, लोकेश, विनय सहित अनेक सोशल मीडिया क्रिएटर्स एवं इन्फ्लुएंसर्स भी शामिल हुए। सभी ने कथा एवं सत्संग में भाग लेकर सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के संदेश को समाज तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

आयोजन की सफलता में बल्लिया एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों, युवाओं, मातृशक्ति, आयोजन समिति, स्वयंसेवकों तथा सेवा दल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं संभालते हुए आयोजन को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं भक्तिमय बनाने में सहयोग दिया।

पूरे दिन भगवान भोलेनाथ के जयकारों, भजनों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने धूणी के दर्शन कर कथा एवं सत्संग का लाभ लिया। रौशनी बारोट के साथ स्थानीय युवाओं एवं श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में फोटो एवं सेल्फी लेकर अपनी खुशी साझा की, वहीं उन्होंने भी सभी से आत्मीय मुलाकात कर गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।

गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन पूरे वागड़ क्षेत्र की सामूहिक आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा तथा श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव साबित हुआ।


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