संसद में मेवाड: सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के तहत मोदी सरकार ने राजस्थान को 844 करोड़ रूपये जारी किए, पिछले साल से 100 करोड ज्यादा

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Published on : 31 Jul, 26 09:07

संसद में मेवाड: सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के तहत मोदी सरकार ने राजस्थान को 844 करोड़ रूपये जारी किए, पिछले साल से 100 करोड ज्यादा

-सांसद डाॅ मन्नालाल रावत द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने दी जानकारी
-राजस्थान राज्य में 3,514 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी में प्रमोट करने की मंजूरी, उदयपुर जिले के 106 केंद्र
उदयपुर।
सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के तहत 2026-27 में केंद्र की मोदी सरकार ने राजस्थान को 844 करोड़ रूपए का बजट जारी किया हैं जो पिछले वर्ष से 100 करोड़ रुपए से अधिक है।
सांसद डाॅ मन्नालाल रावत की ओर से देश में समेकित बाल विकास सेवाओं को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2024-25 में राजस्थान के लिए इस योजना में 741.85 करोड का बजट था जो इस साल बढकर 844 करोड हो गया है। उन्होंने बताया कि  पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान) के तहत, पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों) वाले इलाकों में कुल 2,500 आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।  जिनमें से 51 आंगनवाड़ी केंद्र राजस्थान में बनाने की मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजीजेयूए) का मुख्य उद्देश्य जनजातीय बहुल गांवों में योजनाओं में तालमेल करना, पहुंच बढ़ाना और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। डीएजीजेयूए के तहत, 875 आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण की मंजूरी दी गई है। इनमें से राजस्थान राज्य के लिए 135 आंगनवाड़ी केंद्रों को मंजूरी दी गई है, जिनमें उदयपुर जिले के 27 आंगनवाड़ी केंद्र भी शामिल हैं।
राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को निर्देश दिए गए हैं कि राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के पास पर्याप्त अवसंरचना सुविधा उपलब्ध नहीं है और किराये के भवनों में संचालित हैं, उन्हें निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालयों में स्थापित किया जाए जहां स्थान उपलब्ध हैं। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में आंगनवाड़ी केंद्रों को स्थापित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर संयुक्त रुप से दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, आंगनवाड़ी केंद्रों में अवसंरचना सुविधाओं में सुधार करने के उद्देश्य से पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 17,000 रुपये और शौचालयों के निर्माण के लिए 36,000 रुपये की निधि राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को प्रदान की जाती है। देशभर में कुल 1,58,966 एडब्ल्यू में पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गई है जिनमें राजस्थान राज्य के 11,665 एडब्ल्यू भी शामिल हैं और कुल 1,42,522 एडब्ल्यू में शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
केंद्रीय राजय मंत्री ने जानकारी दी कि मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत, बेहतर पोषण प्रदायगी तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से सरकारी भवनों में स्थित दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) को 15वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में उन्नत करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों को एलईडी स्क्रीन, जल शोधन प्रणाली, पोषण वाटिका, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ईसीसीई) सामग्री और बिल्डिंग एज लर्निंग ऐड (बाला) पेंटिंग जैसी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। राजस्थान राज्य में कुल 3,514 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में उन्नयन हेतु स्वीकृति दी गई है, जिसमें उदयपुर जिले के 106 आंगनवाड़ी केंद्र (एडब्ल्यूसी) भी शामिल हैं।


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