एसएसआई मंत्रा ने 22,000 किमी दूर कोलंबिया से इंदौर के बीच की ऐतिहासिक सर्जरी  मेड इन इंडिया’ रोबोटिक तकनीक का कमाल

( 437 बार पढ़ी गयी)
Published on : 31 Jul, 26 10:07

एसएसआई मंत्रा ने 22,000 किमी दूर कोलंबिया से इंदौर के बीच की ऐतिहासिक सर्जरी   मेड इन इंडिया’ रोबोटिक तकनीक का कमाल

उदयपुर : भारत की विकसित रोबोटिक तकनीक और भारतीय डॉक्टरों की विशेषज्ञता ने एकबार फिर दुनिया को चौंका दिया है। एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल के 'मेड इन इंडिया' एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम की मदद से कोलंबिया से लगभग 22,000 किलोमीटर दूर बैठे सर्जनों ने इंदौर में एक मरीज की सफल रोबोटिक स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी सर्जरी कर दुनिया के सामने भारतीय तकनीक का परचम फैराया है। यह ऐतिहासिक टेलीसर्जरी कोलंबिया के हॉस्पिटल इंटरनैशनल डी कोलंबिया और इंदौर स्थित मोहक बैरियाट्रिक्स एंड रोबोटिक्स के बीच लगभग 22,000 किमी लंबे फाइबर नेटवर्क पर संपन्न हुई। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अब अत्याधुनिक सर्जरी के लिए भौगोलिक दूरी बाधा नहीं रह गई है।  

सर्जरी का दूरस्थ संचालन एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल के संस्थापक, चेयरमैन एवं सीईओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने डॉ. विक्टर राउल कैस्टिलो मैन्टिला और डॉ. जोनाथन कासेरेस प्राडा के साथ मिलकर कोलंबिया से किया। वहीं इंदौर में मरीज के साथ मौजूद सर्जिकल टीम का नेतृत्व प्रसिद्ध बैरियाट्रिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ने किया। उनके साथ डॉ. अभिषेक तिवारी भी मौजूद रहे जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। विदेशी रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की तुलना में एसएसआई मंत्रा को पूरी तरह भारत में विकसित और निर्मित किया गया है। इसकी खरीद और संचालन लागत अपेक्षाकृत कम है, जिससे अधिक अस्पताल रोबोटिक सर्जरी अपनाने में सक्षम होंगे। यह तकनीक टियर-2 और टियर-3 शहरों तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भारत को सर्जिकल रोबोटिक्स के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करेगी।

इस उपलब्धि पर बात करते हुए एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल के संस्थापक, चेयरमैन एवं सीईओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तवने कहा कि "कोलंबिया और भारत के बीच हुई यह सफल टेलीसर्जरी साबित करती है कि गुणवत्तापूर्ण सर्जिकल उपचार के लिए अब भौगोलिक दूरी कोई बाधा नहीं रही। हमारा उद्देश्य हमेशा ऐसा 'मेड इन इंडिया' रोबोटिक प्लेटफॉर्म विकसित करना रहा है, जो विश्वस्तरीय प्रदर्शन के साथ-साथ दुनिया भर के अस्पतालों के लिए किफायती और सुलभ भी हो। हमारी हर उपलब्धि विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मरीजों के और करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" मोहक बैरियाट्रिक्स एंड रोबोटिक्स, इंदौर के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. मोहित भंडारी ने कहा कि "यह सर्जरी दिखाती है कि रोबोटिक टेलीसर्जरी भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकती है। अब उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों की विशेषज्ञता सीमाओं में बंधी नहीं रहेगी। एसएसआई मंत्रा की किफायती लागत और बहुउद्देश्यीय क्षमता इसे भारत ही नहीं, बल्कि विकासशील देशों में भी रोबोटिक सर्जरी के विस्तार का प्रभावी माध्यम बनाती है।"


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.