मोहनलाल सुखाड़िया स्मृति व्याख्यान : युवाओं से राष्ट्र निर्माण और सजगता का आह्वान

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Published on : 31 Jul, 26 13:07

मोहनलाल सुखाड़िया स्मृति व्याख्यान : युवाओं से राष्ट्र निर्माण और सजगता का आह्वान

उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय द्वारा शुक्रवार को मोहनलाल सुखाड़िया स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस वर्ष के व्याख्यान का विषय युवा एवं आंतरिक सुरक्षा रखा गया था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे नंदकुमार उपस्थित रहे जबकि मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष प्रोफेसर वासुदेव देवनानी ने आभासी माध्यम से अपना उद्बोधन दिया।
मुख्य वक्ता जे नंदकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि देश को सकारात्मक ऊर्जा की ओर अग्रसर करने और समाज निर्माण में युवाओं की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्र और समाज को नकारात्मक ताकतों से बचाना भी युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी है। युवा शक्ति अगर सही दिशा में काम करे तो देश की प्रगति और सुरक्षा दोनों मजबूत हो सकते हैं। नंदकुमार ने युवाओं से अपील की कि वे अपने ज्ञान, ऊर्जा और विवेक का उपयोग राष्ट्रहित में करें तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
विधानसभा अध्यक्ष प्रोफेसर वासुदेव देवनानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है। आज हमें अपने निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर देश के लिए सोचना होगा। उन्होंने युवाओं को सावधान करते हुए कहा कि मोबाइल पर आने वाली हर सूचना को सत्य नहीं मानना चाहिए। कई सूचनाएं षड्यंत्रपूर्वक भ्रम फैलाने और समाज को तोड़ने के उद्देश्य से प्रसारित की जाती हैं। देवनानी ने बताया कि विदेशी ताकतें भी कई बार देश विरोधी कार्य करती हैं और नेतृत्व के प्रति अविश्वास का भाव पैदा करने के लिए युवाओं को उकसाती हैं। ऐसे में युवाओं को सदैव सजग रहना चाहिए तथा अपने विवेक का सही इस्तेमाल करते हुए गलत सूचनाओं पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की सूचनाएं आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं और यह बात हर नागरिक को समझनी होगी।
पूर्वछात्र परिषद ”मानस” के सचिव रमन कुमार सूद ने संकट काल में नागरिक धीरज और सतत कार्यप्रवाह को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और विकास में युवा वर्ग की महती जिम्मेदारी है। भविष्य इन्ही के कंधों पर है। 
कुलगुरु प्रोफेसर कैलाश डागा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्रों और युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता का भाव विकसित करने का प्रयास करता है। उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया स्मृति व्याख्यान को विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण परंपरा बताते हुए युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भी समझें।
कार्यक्रम के शुरू में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो मीरा माथुर ने सभी का स्वागत करते हुए प्रतिवर्ष होने वाले सुखाड़िया स्मृति व्याख्यान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। धन्यवाद रजिस्ट्रार डा बीसी गर्ग ने दिया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी डीन डाइरेक्टर्स, अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों और अन्य अतिथियों ने भाग लिया। 
इससे पूर्व सुबह मोहनलाल सुखाड़िया जी की प्रतिमा पर सभी ने माल्यार्पण किया।


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