रफ़ी साहब के अमर नग़मों से सजी सुरमयी शाम, कलाकारों ने दी भावभीनी स्वरांजलि

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Published on : 01 Aug, 26 11:08

रफ़ी साहब के अमर नग़मों से सजी सुरमयी शाम, कलाकारों ने दी भावभीनी स्वरांजलि

सुरों की मंडली संस्था की ओर से अशोका पैलेस के मधुश्री बैंक्वेट हॉल में हुआ कार्यक्रम

उदयपुर।
सुरों की मंडली संस्था (एसकेएम) की ओर से स्वर सम्राट मोहम्मद रफ़ी की पुण्यतिथि पर आयोजित संगीतमय संध्या "तुम मुझे यूँ भुला न पाओगे" अशोका पैलेस के मधुश्री बैंक्वेट हॉल में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम का आयोजन सुरों की मंडली के उपाध्यक्ष सी.पी. जोशी के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर रफ़ी साहब के एक से बढ़कर एक सदाबहार नग़मों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने कहा कि मोहम्मद रफ़ी केवल एक महान गायक ही नहीं, बल्कि भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर हैं। उनके गीत आज भी हर पीढ़ी के दिलों में बसे हुए हैं और संगीत प्रेमियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक नरसा राम वर्मा ने
कहा कि ऐसे संगीतमय आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का श्रेष्ठ माध्यम हैं। उन्होंने सुरों की मंडली संस्था के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए सभी कलाकारों को शुभकामनाएँ दीं।

संस्था के सचिव अरुण चौबीसा ने कहा कि रफ़ी साहब के गीतों को गाना अपने आप में एक अद्भुत अनुभूति है। उनके गीतों में प्रेम, भक्ति, देशभक्ति और मानवीय संवेदनाओं का ऐसा अद्भुत संगम है, जो सीधे श्रोताओं के हृदय को स्पर्श करता है।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने जब रफ़ी साहब के अमर गीतों को अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कई श्रोता एवं कलाकार रफ़ी साहब की स्मृतियों में भाव-विभोर हो गए और उनकी आँखें नम हो गईं। माहौल ऐसा बन गया मानो रफ़ी साहब अपने अमर नग़मों के माध्यम से स्वयं सभी के बीच उपस्थित हों।

इस अवसर पर एस.के. मेहता ने मोहम्मद रफ़ी की हस्तनिर्मित पेंटिंग सुरों की मंडली संस्था को भेंट की, जिसकी उपस्थित सभी संगीत प्रेमियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।

कार्यक्रम में महावीर जैन, विश्व प्रभा पंड्या, हेमंत कुमार चौबीसा, सुरेन्द्र दत्त व्यास, योगेश उपाध्याय, निखिल महेश्वरी, कैलाश केवलिया, नूतन वेदी, राजकुमार बापना, अरुण चौबीसा, कृष्णकांत खंडेलवाल, संदीप बंसल, राजेन्द्र कुमार जैन, अजय राठौड़, कमल कुमार जुनेजा, स्वपानलिका अजमेरा, सूर्य प्रकाश श्रीमाली, नरोत्तम गौर, प्रवीण जैन, एस.डी. कौशल, अशोक परियानी, राजेन्द्र प्रसाद सनाढ्य, मधु केवलिया, इंजी. सी.पी. जैन, एस.के. मेहता, किशोर यादव, कुबेर सहलोत, कमलेश कुमावत, मधु शर्मा, देवेन्द्र जैन, अशोक सालवी, दिव्या सारस्वत, गोपाल गोठवाल, गौरव स्वर्णकार तथा पवन शर्मा ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बाँध दिया और श्रोताओं से भरपूर सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं गरिमामय संचालन अरुण चौबीसा, पवन शर्मा एवं गोपाल गोठवाल ने अपनी सहज, रोचक एवं प्रभावी शैली में किया, जिससे पूरा आयोजन और अधिक यादगार बन गया।

अंत में कैलाश केवलिया, योगेश उपाध्याय एवं निखिल महेश्वरी ने संयुक्त रूप से बताया कि यह आयोजन अत्यंत भावनात्मक, संगीतमय एवं अविस्मरणीय रहा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी एसकेएम सुपर सिंगर के बैनर तले ऐसे ही भव्य, उत्कृष्ट एवं सांस्कृतिक संगीतमय आयोजनों का निरंतर आयोजन किया जाता रहेगा।


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