उदयपुर, सुखाड़िया विश्वविद्यालय की अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष रही डॉ. ईला चक्रवर्ती के निधन पर आज परिजनों ने देहदान कर उनकी पार्थिव देह को आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज के इनाटॉमी विभाग को सौपा.
प्रसिद्ध क्रन्तिकारी ओर भारतीय पोस्टल यूनियन के संस्थापक बाबा ताराचंद मुखर्जी की पौत्री तथा प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी सुरेंद्र नाथ मुखर्जी की पुत्री को उदयपुर विश्व विद्यालय में शिक्षण अवधि के दौरान 100 से आशिक शोध पत्र लिखें ।
उनके निर्देशन अनेक छात्र छात्राओं ने विद्या वाचस्पति की डिग्री प्राप्त की.
अपने जीवनकाल में उन्होंने अमेरिका, इंग्लैंड सहित अनेक देशों की यात्राएं कीं और शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभवों से लोगों को लाभान्वित किया।
उनके निधन पर शिक्षाविदों, चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न वर्गों के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शिक्षा जगत से जुड़े अनेक शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता मौजूद थे.वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गयी.डॉ. ईला चक्रवर्ती का जीवन शोध और समाजसेवा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा।