क्या हमें मालूम है एक A4 साइज कागज को बनाने में 10 लीटर, 1 किलो चॉकलेट में 17000 लीटर, 1 किलो चावल में 5000 लीटर एक साड़ी 5000 लीटर एक टी-शर्ट 2200 लीटर पानी खर्च होता है। अगली बार एक A4 साइज पेपर व्यर्थ करें तो सोच कि 10 लीटर पानी अनावश्यक फेंक दिया है। चावल झूठे छोड़ें तो 5000 लीटर, अनावश्यक साड़ी खरीदने पर 5000 लीटर, जींस 7500 लीटर, टी-शर्ट 2200 लीटर अदृश्य जल खर्च हो जाता है। इसलिए अनावश्यक खरीद से बचकर हम पानी को भारी मात्रा में बचा सकते हैं।
भूजल वैज्ञानिक के अनुसार जल संरक्षण की शिक्षा बालकों को पहली कक्षा से ही देनी प्रारंभ कर देना चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ जल मित्र ने पूर्व प्रांतीय जल संरक्षण एवं नशा मुक्ति प्रभारी भारत विकास परिषद के डॉक्टर पी सी जैन ने स्कूली छात्रों के बीच "जल जानकार” चयनित किये। यह कार्यक्रम आज महाराणा पब्लिक स्कूल सुंदरवास में आयोजित किया गया जिसमें 10 विद्यार्थियों का चयन किया गया। इनको अपने वीडियो द्वारा जिसमें जल गीत, जल नारे, जल और पूजा सामग्री, भूजल संकट के हॉटस्पॉट, वर्षा जल कैसे बचाएं, दैनिक जलचर्या कैसी हो इसके बारे में जानकारी बताइ। यह जानकारी "जल जानकार" अपनी अपनी कक्षा में बताते रहेंगे। हर माह इस हेतु ऑफलाइन या ऑनलाइन मीटिंग होती रहेगी।
”जल जानकार" ”जल प्रयास” करने हेतु बने। कार्यक्रम का संचालन प्रिंसिपल आशा कंवर ने किया और डाइरेक्टर सुनीता सोनी डॉक्टर पी सी जैन को धन्यवाद ने ज्ञापित किया।
अनुष्का, भारती, इशिका, मनीषा, दिव्या ,सृष्टि , स्नेहा, नव्या, प्रियल नियति, जसोदा, हितेश "जल जानकार" बने।