सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय मे मोटे अनाज प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

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Published on : 05 Aug, 26 18:08

उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय के खाद्य विज्ञान एवं

सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय मे मोटे अनाज प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

उदयपुर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के  सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय के खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की परियोजना के अंतर्गत "मेवाड़ की पारंपरिक फसलों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन" विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के मिलेट्स (श्री अन्न) से चॉकलेट, क्रैकर्स एवं स्टिक्स सहित अनेक मूल्य संवर्धित उत्पादों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने इन उत्पादों के निर्माण की तकनीक, गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं उपयोगिता की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. सरला लाखावत ने संबोधित करते हुए कहा कि मेवाड़ की पारंपरिक फसलें, विशेषकर श्री अन्न (मिलेट्स), पोषण सुरक्षा, स्वास्थ्य संवर्धन एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार एवं कौशल विकास को बढ़ावा देते हैं तथा उन्हें रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित करते हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू मोगरा प्रतिभागियों को मिलेट्स के स्वास्थ्यवर्धक गुणों, उनके नियमित सेवन से होने वाले लाभ तथा पोषण सुरक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में परियोजना प्रभारी डॉ. कमला महाजनी ने प्रतिभागियों को विभिन्न मिलेट्स से तैयार किए जाने वाले मूल्य संवर्धित उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी, और मिलेट आधारित उत्पादों की  निरंतर मांग, व स्वरोजगार एवं उद्यमिता की अपार संभावनाओ के बारे में बताया।

  डॉ. नेहा शेखावत ने मिलेट आधारित उत्पादों के विपणन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा बाजार में सफलतापूर्वक स्थापित करने के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद, आकर्षक पैकेजिंग एवं प्रभावी विपणन रणनीति के माध्यम से मिलेट उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाई जा सकती है।

प्रशिक्षक योगिता पालीवाल ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न मिलेट्स से मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) करते हुए प्रतिभागियों को उत्पाद निर्माण के प्रत्येक चरण, आवश्यक सावधानियों तथा गुणवत्ता बनाए रखने के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।


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