बालमुकुन्द गणेशोत्सव का श्रीगणेश, 1008 गणपति महामंत्रों के साथ दूर्वा अर्पण

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Published on : 06 Aug, 26 16:08

बांसवाड़ा। श्री राधाकृष्ण मंदिर परिसर में बालमुकुन्द गणेश मण्डल (तेली समाज) की बैठक तेली समाज इकाई अध्यक्ष श्री भगवतीलाल बरोड़िया के

बालमुकुन्द गणेशोत्सव का श्रीगणेश, 1008 गणपति महामंत्रों के साथ दूर्वा अर्पण

बांसवाड़ा। श्री राधाकृष्ण मंदिर परिसर में बालमुकुन्द गणेश मण्डल (तेली समाज) की बैठक तेली समाज इकाई अध्यक्ष श्री भगवतीलाल बरोड़िया के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ भगवान श्रीगणेश को 1008 गणपति महामंत्रों के साथ दूर्वा अर्पित कर एवं जयघोष के साथ किया गया। इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने आगामी गणेशोत्सव को भव्य एवं आकर्षक बनाने का संकल्प लिया तथा आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष बालमुकुन्द गणेशोत्सव का आयोजन 14 से 25 सितंबर तक किया जाएगा। इस अवसर पर गणेशोत्सव के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन भी श्री राधाकृष्ण मंदिर परिसर में तेली समाज अध्यक्ष श्री भगवतीलाल बरोड़िया एवं गणेश मण्डल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया।

मण्डल ने जानकारी दी कि इस वर्ष भगवान श्रीगणेश बालरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

चल-चित्र कम्प्यूटरीकृत झांकियों के लिए प्रसिद्ध है मण्डल

बालमुकुन्द गणेश मण्डल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी चल-चित्र (कम्प्यूटरीकृत) झांकियां हैं, जो बांसवाड़ा जिले में अपनी अलग पहचान रखती हैं। मण्डल प्रतिवर्ष पारंपरिक झांकियों से हटकर नवीन एवं आकर्षक प्रस्तुतियां तैयार करता है। पूर्व वर्षों में अयोध्या श्रीराम मंदिर मॉडल, प्रभु रथ में हुए सवार, कालिया मर्दन, सागर मंथन, मटकी फोड़, अखण्ड भारत तथा गणेश बाललीला जैसी झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही हैं।

मण्डल को भारत साधु समाज के महामंत्री एवं महामण्डलेश्वर श्री हरिओमदासजी महाराज (लालीवाव मठ) के मार्गदर्शन एवं संकल्प के अनुसार प्रतिवर्ष छोटी प्रतिमा स्थापित करने की प्रेरणा मिली है। इसी परंपरा का पालन करते हुए मण्डल हर वर्ष 2 से 3 फीट ऊंची श्रीगणेश प्रतिमा स्थापित करता है तथा झांकी भी उनके मार्गदर्शन में तैयार की जाती है। इस वर्ष की प्रतिमा का निर्माण स्व. श्री मांगीलालजी प्रजापत परिवार, राधे-राधे मूर्ति कला केंद्र द्वारा किया जा रहा है।

पारदर्शिता और सामाजिक सेवा की अनूठी परंपरा

मण्डल की एक विशेष पहचान उसकी वित्तीय पारदर्शिता भी है। प्रतिवर्ष गणेशोत्सव के समापन के पांच दिनों के भीतर आय-व्यय का संपूर्ण विवरण वार्षिक पत्रिका के माध्यम से समाज के प्रत्येक घर तक पहुंचाया जाता है।

गत वर्ष मण्डल ने अपनी 12 वर्षों की बचत राशि से 3 किलो 1.97 ग्राम वजन का रजत छत्र बनवाकर भगवान श्रीगणेश को समर्पित किया था।

20 सितंबर को प्रतिभा सम्मान समारोह एवं महाप्रसादी

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 20 सितंबर (रविवार) को श्री बालमुकुन्द प्रतिभा सम्मान समारोह एवं महाप्रसादी भण्डारा का आयोजन महामण्डलेश्वर श्री महंत हरिओमदासजी महाराज के पावन सान्निध्य में किया जाएगा। समारोह में समाज की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा।

बालमुकुन्द गणेश मण्डल ने समस्त श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों से गणेशोत्सव में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म, संस्कृति एवं सामाजिक एकता के इस महापर्व में सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।


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