श्रीगंगानगर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सड़क तंत्र की मजबूती के साथ ही प्रदेश का निरंतर आधारभूत विकास हो रहा है।
इसी क्रम में रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, जो विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा तथा प्रदेश की प्रगति को नई गति प्रदान करेगा।
इसी क्रम में श्रीगंगानगर जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों में 66.46 करोड़ की लागत से 102 सड़कें बनेंगी।बजट 2026-27 में की गई घोषणा को धरातल पर साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रदेश भर में नॉन-पैचेबल एवं मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए कुल 2 हजार 101.16 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 3 हजार 232 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की है।
इस निर्णय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी तथा आवागमन और अधिक सुगम होगा।मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार हर गांव, हर कस्बे और हर शहर को गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क से जोड़ते हुए विकास के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में लिए गए अहम फैसले से किसानों, युवाओं, उद्यमियों और आमजन को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित आवागमन मिलेगा।
साथ ही, प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को भी नई दिशा मिलेगी।श्रीगंगानगर जिले में आमजन को बेहतर एवं सुगम आवागमन सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कुल 102 सड़क कार्य करवाए जाएंगे।
इन कार्यों की कुल लंबाई 211.503 किलोमीटर है तथा इन पर कुल 6646 लाख रुपये की लागत आएगी।
जिले के अनूपगढ़, रायसिंहनगर, सादुलशहर, श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर एवं सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित इन सड़क कार्यों में मिसिंग लिंक एवं नॉन-पैचेबल सड़कों के कार्य शामिल हैं।अनूपगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 14 सड़कों की 41.900 किलोमीटर लंबाई पर 1090 लाख रुपये, रायसिंहनगर में 16 सड़कों की 33.800 किलोमीटर लंबाई पर 1010 लाख रुपये, सादुलशहर में 21 सड़कों की 33.303 किलोमीटर लंबाई पर 1155 लाख रुपये, श्रीगंगानगर में 16 सड़कों की 32.350 किलोमीटर लंबाई पर 1190 लाख रुपये, श्रीकरणपुर में 18 सड़कों की 30.850 किलोमीटर लंबाई पर 1103 लाख रुपये तथा सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 17 सड़कों की 39.300 किलोमीटर लंबाई पर 1098 लाख रुपये की लागत से कार्य करवाए जाएंगे।
इन सड़क कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा तथा आमजन को आवागमन की सुविधा के साथ कृषि, व्यापार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।