सम्मेलन का उद्घाटन 8 अगस्त को प्रातः 10 बजे राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमपीयूएटी के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह करेंगे, जबकि एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री एस. बालकृष्ण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
आयोजन सचिव डॉ. लोकेश गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य फोकस युवाओं को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग, कृषि मूल्य संवर्धन, एग्री-स्टार्टअप और कृषि उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों से जोड़ना है, ताकि कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक-आधारित बनाया जा सके।
दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित होंगे, जिनमें शोधार्थी, विद्यार्थी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, नवाचारकर्ता और विशेषज्ञ अपने शोध पत्र एवं विचार प्रस्तुत करेंगे। यह मंच कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा उद्योग-अकादमिक समन्वय को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
सम्मेलन के मार्गदर्शक मंडल में राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों—बीकानेर, जोबनेर, कोटा और जोधपुर—के कुलगुरु, एबीवीपी के राष्ट्रीय पदाधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
एमपीयूएटी प्रशासन के अनुसार, एग्रीविजन-2026 युवाओं को भविष्य की स्मार्ट, टिकाऊ और तकनीक-आधारित कृषि से जोड़ने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।